Report: Manish Singh, Edit By: Mohit Jain
Sukma Republic Day: सुकमा जिले की सुदूर पहाड़ियों और घने जंगलों में बसे 10 अति-संवेदनशील गांवों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि नक्सलवाद पर लोकतंत्र की निर्णायक जीत का प्रतीक है।

Sukma Republic Day: दशकों के डर के बाद गूंजा राष्ट्रगान
तुमालभट्टी, वीरागंगलेर, मैता, पालागुड़ा, गुंडाराजगुंडेम, नागाराम, वंजलवाही, गोगुंडा, पेदाबोडकेल और उरसांगल जैसे दुर्गम गांवों में दशकों तक सिर्फ खौफ का साया रहा। लेकिन अब वहीं के बच्चों और ग्रामीणों ने पहली बार स्वतंत्रता और सुरक्षा के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज के नीचे राष्ट्रगान गाया।

सुरक्षा बलों की सतत मौजूदगी बनी मुख्य कारण
गांवों में यह ऐतिहासिक पल संभव हुआ सुरक्षा बलों की निरंतर तैनाती और नवीन कैंपों की स्थापना के कारण। इन सुरक्षा प्रबंधों ने ग्रामीणों को दशकों पुराने भय से बाहर निकलने और मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर दिया।

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Sukma Republic Day: गणतंत्र दिवस 2026 का ऐतिहासिक पर्व
सुकमा के ये 10 गांव अब गणतंत्र दिवस 2026 के स्वर्णिम इतिहास में दर्ज हो गए हैं। यह आयोजन न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि यह दिखाता है कि लोकतंत्र की शक्ति और संविधान की पहुंच तक सबसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों में भी प्रभाव डाल सकती है।





