Edit by: Priyanshi Soni
US exits WHO: अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) और विदेश विभाग ने संयुक्त बयान जारी कर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से अमेरिका की सदस्यता समाप्त होने की पुष्टि की है। निर्णय के बाद जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय से अमेरिकी झंडा भी हटा दिया गया। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि अब वह WHO के साथ केवल सीमित सहयोग ही करेगा और भविष्य में सदस्यता में लौटने का कोई इरादा नहीं है।
US exits WHO: कोविड-19 के दौरान WHO पर विश्वास उठने का कारण
अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान WHO के प्रबंधन और सुधारों में कमी ने अमेरिका का भरोसा तोड़ दिया। अब अमेरिका स्वास्थ्य और रोग निगरानी जैसी प्राथमिकताओं के लिए सीधे अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग को प्राथमिकता देगा।
US exits WHO: ट्रंप प्रशासन ने शुरू किया था अलग होने का रास्ता

विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग होने की प्रक्रिया अमेरिकी कानून के तहत एक साल पहले नोटिस देने के बाद पूरी हुई। इसे एक साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के माध्यम से शुरू किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे ना तो पर्यवेक्षक के रूप में जुड़ेंगे और ना ही भविष्य में सदस्यता का विचार करेंगे।
WHO पर अमेरिका का बकाया भुगतान और विवाद
WHO के अनुसार अमेरिका पर 2024 और 2025 के लिए लगभग 26 करोड़ डॉलर का बकाया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बकाया भुगतान को अलग होने की शर्त नहीं बनाया गया है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही WHO को दी जाने वाली सभी फंडिंग रोक दी थी। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि WHO की वजह से अमेरिका को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
US exits WHO: विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ लॉ विशेषज्ञ लॉरेंस गोस्टिन ने इसे अमेरिकी कानून का उल्लंघन बताया। WHO की कार्यकारी बोर्ड की फरवरी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
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