शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग मंे सरकार की उपब्धियों का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने 1.60 लाख से अधिक भर्तियां शिक्षा विभाग में की है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा ;बेसिकए, माध्यमिकए उच्च, तकनीकी, व्यावसायिक, चिकित्सा शिक्षा को लेकर नया चयन बोर्ड उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग बनकर तैयार है वह विभिन्न विभागों से अधियाचन मांगकर नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। हमारी सरकार ने अकेले शिक्षा विभाग में ही 1-60 लाख से अधिक भर्तियां की हैं। यह वे भर्तियां हैं, जो पिछली सरकार की बदनीयती के कारण भरी नहीं जा सकी थीं।
प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हो रही है. सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी देश, दुनिया व उत्तर प्रदेश के सामने चुनौती है उत्तर प्रदेश दुनिया के अंदर सबसे युवा राज्य है, 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 56 से 60 फीसदी आबादी वर्किंग फोर्स.युवा है, हमारी सरकार ने राज्य के युवाओं को ध्यान में रखकर अनेक कार्य किए हैंण् पिछले सत्र में हमारी सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा व अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम .2024 को पारित किया प्रदेश के युवाओं को ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त हो रही हैं। इसमें आरक्षण के नियमों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।
69 हजार शिक्षकों की हुई भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर सदस्यों द्वारा रखे गए आंकड़े तथ्यपरक नहीं हैं यदि उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की भर्तियों की प्रक्रिया को पूर्ण करने की बात है तो 69000 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी हुए हैं, वे सभी चार वर्षों से स्कूलों में पढ़ा भी रहे हैं। उससे पहले 68500 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को संपन्न किया गया क्योंकि उस समय बीएड को एनसीटीई ने उस परीक्षा के योग्य नहीं माना था और उस समय बीटीसी के इतने अभ्यर्थी हमारे पास नहीं थे इसमें केवल 42 हजार शिक्षकों की भर्ती हो पाई थी, जो आज बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। इन सभी को नियुक्ति पत्र जारी हुआ।





