इस वजह से सरकार ने टाला फैसला
दिल्ली: वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation, One Election) के प्रस्ताव पर केंद्रीय कैबिनिट की मुहर लगने के बाद इसे सोमवार 16 दिसंबर 2024 को संसद में पेश करने की खबरें थीं। लेकिन अब इस विधेयक को सरकार ने सोमवार के एजेंडे में शामिल नहीं किया है। लोकसभा सचिवालय की कार्यसूचि में इसे शामिल नहीं किया गया है। अब इस सप्ताह के बाद के दिनों में इसे लोकसभा में पेश किया जा सकता है। खबरों मुताबिक सरकार पहले वित्तीय कार्यों को पूरा करेगी। गौरतलब है कि एक देश एक चुनाव के मसौदे के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को समिति का चेयरमैन बनाया गया था। उनकी सिफारिशों के बाद इस मसौदे को मोदी कैबिनेट ने पास कर दिया था।
वन नेशन वन इलेक्शन पर किस पार्टी ने क्या कहा ?
शिवसेना UTB नेता अनिल देसाई ने कहा कि एक देश एक चुनाव हमारे देश और इसके विकास के लिए अच्छा है। लेकिन क्या इलेक्शन कमीशन और पुलिस-प्रशासन में एक साथ चुनाव संपन्न कराने की क्षमता है? पूरे देश की बात छोड़िए झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव भी एक साथ नहीं कराए जा सकते हैं।
कांग्रेस सांसद के सुरेश ने कहा कि अगर सरकार एक देश एक चुनाव बिल संसद में पारित करना चाहती है, तो सरकार को सभी राजनीतिक पार्टियों और राज्य सरकारों को भी आमंत्रित करना चाहिए, क्योंकि ये पूरे देश का मामला है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि ऐसे विषय पर जेपीसी में सलाह-मशविरा होता है, लेकिन ये सब तभी होता है जब सभी दस्तावेज देखते हैं. दस्तावेज को पढ़ने के बाद इस पर चर्चा होनी चाहिए कि ये देश की प्राथमिकता में है या नहीं।





