Report by: Dinesh Gupta, Edit by: Priyanshi Soni
Ambikapur Medical College: सूरजपुर जिले के कोट गांव निवासी 22 वर्षीय गर्भवती आदिवासी महिला जगमनिया की अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को प्रसव के लिए सूरजपुर जिला अस्पताल से अंबिकापुर रेफर किया गया था, जहां अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
Ambikapur Medical College: डेढ़ महीने में चौथी मौत, प्रसव सुविधाओं पर सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि बीते डेढ़ महीने के भीतर सूरजपुर जिले की यह चौथी गर्भवती महिला की मौत है। आरोप है कि सूरजपुर जिला अस्पताल में प्रसव की आधुनिक और समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार गंभीर मामलों को अंबिकापुर रेफर किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की जान खतरे में पड़ रही है।

जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजनाओं की हकीकत उजागर
लगातार हो रही मौतों ने सूरजपुर जिले में जच्चा-बच्चा सुरक्षा को लेकर चल रही सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। कागजों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात गंभीर बने हुए हैं।
मंत्री के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले से ही छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आती हैं। उनके द्वारा कई बार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। इस घटना के बाद एक बार फिर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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