आजीवन कारावास की सजा निलंबित, लेकिन फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे
BY
Yoganand Shrivastava
Dehli news: उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उनकी आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की है। यह जमानत तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर हाई कोर्ट अंतिम निर्णय नहीं सुना देता।
जमानत के बावजूद जेल में रहेंगे सेंगर
हालांकि जमानत मिलने के बाद भी कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। इसका कारण यह है कि वह पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में पहले से ही दस वर्ष की सजा काट रहे हैं। इस सजा के चलते उनकी रिहाई संभव नहीं है।
कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें
दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देते समय सेंगर पर कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि जमानत अवधि के दौरान वे पीड़िता से पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएंगे। इसके अलावा उन्हें दिल्ली में ही रहने का आदेश दिया गया है।
शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द होगी
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया तो सेंगर की जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।
मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं
हाई कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील लंबित है। ऐसे में आने वाले समय में अदालत के अंतिम फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।





