रिपोर्ट: आगस्टीन हेम्बरम
Dumka News: नेपाल के झापा जिला अंतर्गत भद्रपुर नगरपालिका के वार्ड संख्या–3 से आए संताल आदिवासियों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड भ्रमण के क्रम में बुधवार को भारत सेवाश्रम संघ, स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा (रानीश्वर) का दौरा किया। इस अवसर पर संघ के सचिव की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल का भव्य एवं पारंपरिक स्वागत किया गया।
सभी अतिथियों का स्वागत संताल परंपरा के अनुरूप तुनदाह और टमाक की गूंजती धुनों के साथ किया गया। पुरुष पारंपरिक पंखी पोशाक में और महिलाएं पारंपरिक साड़ी में सुसज्जित थीं। स्वागत जुलूस आश्रम परिसर स्थित जाहेरथान तक पहुंचा, जहां जाहेर आयु, मारंग बुरु सहित इष्ट देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।

Dumka News: नेपाल से संताल समाज का ऐतिहासिक जुड़ाव फिर हुआ जीवंत
Dumka News: इसके पश्चात कार्यक्रम स्थल पर औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर स्वामीजी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सेवाश्रम संघ द्वारा आदिवासी बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनकी भाषा, संस्कृति और रीति-रिवाजों का संरक्षण भी कराया जाता है, ताकि यह सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके। स्वागत भाषण विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिनंदन मुर्मू ने दिया।
Dumka News: संताल हूल के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हेम कार्की ने विद्यालय के बच्चों से संवाद किया और आश्रम के शांत, अनुशासित और सांस्कृतिक वातावरण की सराहना की। कार्यक्रम के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक संताल काटा पोखर, दिगुली और रानीश्वर का परिभ्रमण किया, जहां उन्होंने 1855–56 के संताल हूल (क्रांति) के गुमनाम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियां प्राप्त कीं।
Dumka News: इस 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हेम कार्की, अध्यक्ष वार्ड संख्या–3, भद्रपुर नगरपालिका (नेपाल) ने किया। उन्होंने बताया कि नेपाल में रह रहे संताल आदिवासियों की भाषा, संस्कृति और परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं, और इन्हीं मूल्यों के पुनर्स्थापन के उद्देश्य से उन्होंने संतालों के मूल क्षेत्र संताल परगना (दुमका) का भ्रमण करने का निर्णय लिया।
दल के सबसे बुजुर्ग सदस्य माझी बाबा लाल हांसदा (81 वर्ष) ने कहा कि वे कई बार भारत आए हैं, लेकिन अपने मूल स्थल दुमका में यह उनका पहला आगमन है। अपनी इतिहास और सांस्कृतिक जड़ों की खोज उन्हें यहां खींच लाई। उनकी बातें सुनकर स्वामीजी, प्रधानाचार्य सहित उपस्थित लोग भावुक नजर आए।
Dumka News: प्रतिनिधिमंडल में रविलाल हांसदा, सोम बास्की, लुखीराम हेमब्रम, लुखीराम मार्डी, बेटका मुर्मू, सरकार हांसदा, ताला किस्कू, मंगल मुर्मू, सोम बेसरा और सिमोन बेसरा शामिल थे। कार्यक्रम में समीर, याम, आशीष, विजय गोस्वामी, दुमका माझीथान से अनिल हेमब्रम, सुनील मरांडी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
विद्यालय की ओर से जयदेव दे, रणजीत राउत, बोध बोदरा, गोविंद यादव, पार्थ राउत, प्रशांत कुमार मुर्मू, प्रणव कुमार भकत, प्रमिला टुडू, स्वर्णलता मरांडी, सेमल मुर्मू सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। यह भ्रमण संताल समाज की सांस्कृतिक एकता और विरासत संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





