रिपोर्ट: शाहिद खान
Dewas news: देवास पुलिस ने ‘ऑपरेशन सायबर’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे के जरिए युवाओं को बर्बाद करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हाटपीपल्या क्षेत्र में सक्रिय यह गिरोह funrep.pro और mydgp.online जैसी वेबसाइट्स के माध्यम से 24 घंटे ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था। आरोपी युवाओं को अधिक लाभ का लालच देकर उन्हें सट्टे की लत लगाते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी गेमिंग ऐप के कारण हुए कर्ज से परेशान होकर हाल ही में योगेश अग्रवाल नामक युवक ने आत्महत्या भी कर ली थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड इंदौर का राहुल चौरसिया है, जो एजेंट आईडी बांटता था। आरोपी जाकिर पठान, अरुण तंवर और हरीश सोलीवाल फर्जी बैंक खातों के जरिए पैसे जमा कराते और युवाओं को गेमिंग आईडी-पासवर्ड देते थे। इस नेटवर्क के तार खरगोन और इंदौर क्राइम ब्रांच के पुराने मामलों से भी जुड़े हुए हैं।
एसपी पुनीत गेहलोद के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में 50 हजार रुपये की नकदी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य संचालकों के साथ-साथ हाटपीपल्या, धार और खंडवा के 8 एजेंट भी शामिल हैं।
पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुटी है। स्वदेश न्यूज़ भी आपसे अनुरोध कर रहा है कि जागरूक रहें और ऐसे सट्टे वाले ऐप्स से दूर रहें।





