रिपोर्ट: ऋषभ जैन
टीकमगढ़: जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यूरिया खाद लेने के लिए लाइन में लगे एक किसान की अचानक तबीयत बिगड़ने से जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक किसान पिछले दो दिनों से खाद लेने के लिए जूझ रहा था। यह पूरी घटना टीकमगढ़ शहर के बड़ौरा घाट स्थित सरकारी खाद वितरण केंद्र की है। कारी गांव निवासी 50 वर्षीय किसान जमुना कुशवाहा सोमवार सुबह से ही खाद लेने के लिए लंबी लाइन में लगे थे।
जमुना कुशवाहा के भाई छक्की लाल कुशवाहा ने बताया कि जमुना पिछले दो दिनों से खाद के लिए टीकमगढ़ आ रहे थे। आज वह घर से जल्दी, बिना कुछ खाए-पिए ही वितरण केंद्र पहुँच गए थे, ताकि उन्हें किसी तरह खाद मिल जाए। लाइन में खड़े रहने के दौरान जमुना कुशवाहा की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उन्हें पहले पसीना आया और फिर उल्टियां शुरू हो गईं।

अस्पताल पहुंचने पर भी नहीं बचाए जा सके
मौके पर मौजूद पटवारी और नायब तहसीलदार ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल किसान जमुना कुशवाहा को जिला अस्पताल पहुँचाया। इस बीच, उनके परिजनों को भी सूचना दी गई, जो तुरंत अस्पताल पहुँचे हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद, इलाज के दौरान जमुना कुशवाहा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। किसान की मौत ने एक बार फिर खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छक्की लाल कुशवाहा (मृतक का भाई) ने कहा कि “मेरे भाई खाद लेने के लिए दो दिन से टीकमगढ़ आ रहे थे। आज वो घर से जल्दी बिना कुछ खाये पिये ही खाद वितरण केंद्र पहुंच गए थे। वहीं लाइन में लगे लगे अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उपचार दौरान उनकी मौत हो गई।





