Mohit Jain
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाएं सोमवार को भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकीं। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद और बेंगलुरु एयरपोर्ट से सुबह 9 बजे तक 200 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। एक दिन पहले रविवार को भी करीब 650 उड़ानें रद्द की गई थीं। एयरलाइन का दावा है कि वह रोजाना 2300 उड़ानों में से 1650 का संचालन कर रही है, लेकिन इसके बावजूद हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

₹610 करोड़ का रिफंड, 3000 यात्रियों का बैगेज लौटाया गया
इंडिगो ने अब तक इस संकट के दौरान 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस किया है। इसके साथ ही 3000 यात्रियों का अलग हुआ बैगेज भी वापस पहुंचाया जा चुका है। सरकार ने एयरलाइन को रविवार शाम तक रिफंड पूरा करने और 48 घंटे के भीतर बैगेज लौटाने के निर्देश दिए थे। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा है कि हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और 10 दिसंबर तक नेटवर्क स्थिर होने की उम्मीद है।
क्रू प्लानिंग में बफर की कमी बनी संकट की बड़ी वजह
इंडिगो ने बताया कि मौजूदा संकट की वजह जानने के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ किया जाएगा। कंपनी के अनुसार नई एफडीटीएल व्यवस्था लागू होने के बाद क्रू प्लानिंग में बफर की कमी हो गई, जिससे संचालन प्रभावित हुआ। डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है। सोमवार को तिरुवनंतपुरम से 5, अहमदाबाद से 18 फ्लाइट, चेन्नई से 71, बेंगलुरु से 127, दिल्ली से 134, श्रीनगर से 16 और हैदराबाद से 77 फ्लाइट्स कैंसिल की गईं।





