रिपोर्ट: मुकुल शुक्ला
सागर: कहा जाता है कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती, अवसर मिलते ही वह स्वयं सामने आ जाती है। बुंदेलखंड अंचल भी जन्मजात और स्वाभाविक प्रतिभाओं से भरा है। इसी अंचल की एक उभरती खिलाड़ी सागर जिले की शाहगढ़ तहसील से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। इस प्रतिभावान बालिका का नाम है—रुचि पाल।रुचि पाल ने विलुप्ति की ओर बढ़ रहे पारंपरिक भारतीय खेल मलखंभ में राष्ट्रीय शालेय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उज्जैन में 24 से 28 नवंबर तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता में उन्होंने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम चैम्पियनशिप अपने नाम की और स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
रुचि शाहगढ़ के शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं। वे पिछले पाँच वर्षों से जिला मलखंभ कोच श्यामलाल और दुर्गाशक्ति व्यायामशाला के अध्यक्ष मोहित भल्ला के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। कठोर अभ्यास, समर्पण और निरंतर मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।उनकी इस शानदार उपलब्धि पर दुर्गाशक्ति व्यायामशाला परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों ने रुचि और उनके पिता का सम्मान किया।
रुचि के पिता मुन्ना पाल मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी आठ संतानें हैं, जिनमें सात बेटियां हैं। रुचि छठवें नंबर पर हैं। आर्थिक सीमाओं के बावजूद वे अपनी बेटी की सफलता पर बेहद गर्व महसूस करते हैं। उनका कहना है कि व्यायामशाला के अध्यक्ष मोहित भल्ला ने बेटी को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया, जिसके लिए वे आभारी हैं।
व्यायामशाला के अध्यक्ष मोहित भल्ला का कहना है कि रुचि की लगन, मेहनत और खेल से प्रेम ने उन्हें प्रभावित किया। इसी जज्बे ने उसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है।रुचि पाल की यह सफलता न केवल शाहगढ़, बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का विषय बनी हुई है।






