रिपोर्ट- नेमीचंद बंजारे
गरियाबंद: ज़िले के राजीव लोचन महाविद्यालय में सरकारी खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षण संचलनालय ने बड़ी कार्रवाई की है। जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीद में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद महाविद्यालय की प्राचार्य और तीन सहायक प्राध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 10 कंप्यूटरों की खरीदी में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में न तो निर्धारित नियमों का पालन किया गया और न ही वास्तविक मूल्यांकन किया गया। शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया।

निलंबित अधिकारियों और प्राध्यापकों के नाम
डॉ. सविता मिश्रा — प्राचार्य
डॉ. मोहन लाल वर्मा — सहायक प्राध्यापक
देवेंद्र देवांगन — सहायक प्राध्यापक
मनीषा भोई — सहायक प्राध्यापक
उच्च शिक्षा विभाग के मंत्रालय से अवर सचिव द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉलेज में उपलब्ध अन्य बजट आवंटन और व्यय को लेकर भी जांच जारी है।
आगे की जांच और कार्रवाई
इस पूरे मामले में वित्तीय दुरुपयोग के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभागीय जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, भुगतान प्रक्रियाओं और सप्लायर चयन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर आगे और कठोर कार्रवाई की जाएगी।




