BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: आईएएस अधिकारी और अजाक्स के प्रांताध्यक्ष संतोष वर्मा के ‘ब्राह्मण बहू’ वाले बयान के खिलाफ शनिवार को जोरदार प्रदर्शन हुआ। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) के सामने सैकड़ों की संख्या में GEN-Z युवा पंडित आशीष शर्मा के नेतृत्व में जमा हुए और भारी विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने संतोष वर्मा के पुतले को गधे पर बैठाकर जुलूस निकाला और जूते-चप्पलों से उसकी पिटाई की। बाद में पुतले को BU गेट पर प्रतीकात्मक रूप से जलाया भी गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशीष शर्मा का कहना था कि यह विवाद केवल किसी एक जाति का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बहन-बेटियों के सम्मान का मुद्दा है, इसलिए संबंधित अधिकारी पर तत्काल एफआईआर और निलंबन होना आवश्यक है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने भी कहा कि वर्मा के बयान से पूरे सवर्ण समाज में नाराजगी है, लेकिन भाजपा के ब्राह्मण नेता चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि उन्हें खुलकर विरोध में उतरना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो अगली बार वे स्वयं संतोष वर्मा को घर से निकालकर इसी तरह गधे पर बैठाकर पूरे प्रदेश में जुलूस निकालेंगे। कई युवाओं ने यह भी कहा कि वर्मा के बयान ने समाज में असहजता और तनाव को बढ़ाया है, इसलिए आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ठोस पुलिस-प्रशासनिक कदम नहीं उठाए जाते। प्रदर्शन में अक्षय तोमर, रवि परमार, लकी चौबे, प्रतीक यादव, अभिषेक द्विवेदी सहित सवर्ण समाज के सैकड़ों युवा शामिल थे।
GEN-Z दरअसल 1997 से 2012 के बीच जन्मी वह पीढ़ी है, जो सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के दौर में बड़ी हुई है। यही कारण है कि इनके प्रदर्शन तेजी, मुखरता और त्वरित संगठन क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
उधर, रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर संतोष वर्मा के विवादित बयान, पिछले मामलों और उनकी पदोन्नति की संपूर्ण जांच कराने की मांग की है। सांसद ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्मा ने जाति बदलकर प्रमोशन लिया और मंच पर दिया गया बयान न केवल अशोभनीय था, बल्कि सामाजिक सौहार्द के खिलाफ भी था।





