BY: Yoganand Shrivastava
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तीन बार कानपुर से सांसद रहे श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार शाम 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से राजनीतिक जगत में गहरा शोक फैल गया।
स्थानीय राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर
कानपुर में 25 सितंबर 1944 को जन्मे श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नगर स्तर से की। वे शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 1999 में पहली बार कानपुर से लोकसभा पहुंचे और इसके बाद 2004 व 2009 में लगातार तीन बार सांसद चुने गए।
गृह और कोयला मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियाँ
यूपीए सरकार में उन्हें दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली—
- 2004 से 2009 तक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
- 2009 से 2014 तक केंद्रीय कोयला मंत्री
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। क्षेत्रीय विकास और संसदीय बहसों में उनकी गंभीरता के कारण उन्हें सदन में हमेशा सम्मान मिला।
लंबी बीमारी के बाद निधन
परिवार के अनुसार, पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। शुक्रवार को हालत अचानक खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने हृदय संबंधी जटिलताओं को मौत का मुख्य कारण बताया।
अंतिम संस्कार आज
उनके निधन के बाद कानपुर सहित प्रदेशभर में शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने संयुक्त शोकसभा आयोजित करने की घोषणा की है। श्रीप्रकाश जायसवाल का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह कानपुर में किया जाएगा।





