BY: Yoganand shrivastva
इंदौर :शुक्रवार सुबह एमवाय अस्पताल से एक कैदी फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य के कारण लगी मचान का फायदा उठाकर वह चौथी मंजिल से नीचे उतर गया और मौके से भाग निकला।
जब ड्यूटी पर तैनात जेल गार्ड वापस लौटा और कैदी को बेड पर नहीं देखा, तो उसने तुरंत अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद संयोगितागंज थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
कैदी का नाम और मामला
फरार हुए आरोपी का नाम विशाल पुत्र खरदे है, जो कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र का रहने वाला है। बीमारी के कारण उसे सेंट्रल जेल से एमवाय अस्पताल के 23 नंबर वार्ड में भर्ती किया गया था।
सुबह गार्ड कुछ देर के लिए बाहर गया, तभी विशाल वार्ड से निकलकर बालकनी तक पहुंचा और मचान से उतरकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, विशाल 2023 में बाणगंगा इलाके में एक युवक की हत्या के मामले में जेल में बंद था। उसके फरार होने की जानकारी परदेशीपुरा और बाणगंगा थाना पुलिस को भी दे दी गई है।
5 साल पहले प्रेमिका की हत्या में भी था आरोपी
परदेशीपुरा पुलिस के अनुसार, विशाल 2020 में अपनी प्रेमिका अर्चना डाबर की हत्या के मामले में भी आरोपी बनाया गया था।
जानकारी के अनुसार—
- अर्चना ने 6 मई 2020 को विशाल को कई बार कॉल किया।
- इसके बाद विशाल ने उसे कुलकर्णी भट्टा बुलाया।
- अपने दोस्तों सत्य नारायण सोलंकी और शिव नंदन राठौर की मदद से उसने अर्चना की गला घोंटकर हत्या कर दी।
- हत्या के बाद शव को एक चैंबर में फेंक कर उस पर नमक और मिट्टी डाल दी गई।
- 22 जनवरी 2021 को वहीँ से सड़ा-गला शव मिला, जिसके बाद पूरा मामला खुला।
क्राइम ब्रांच ने पहले सत्य नारायण और शिव नंदन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने पूरी साजिश कबूल की थी। बताया गया कि अर्चना को लेकर विशाल और उसकी पत्नी कविता के बीच विवाद रहता था, जिसके चलते यह हत्या की गई थी।अभी पुलिस टीमें फरार कैदी विशाल की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।





