by: vijay nandan
बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। शिवपुरी में आयोजित भागवत कथा के दौरान उन्होंने हिंदू परिवारों से चार बच्चे तक पैदा करने का आग्रह किया। शास्त्री ने कहा कि यदि “दूसरे समुदाय के परिवारों में बच्चों की संख्या अधिक होती है तो हिंदू समाज को भी अपने भविष्य के लिए अधिक बच्चे जन्म देने चाहिए।”
उन्होंने मंच से मौजूद लोगों से कहा “एक बच्चा देश के लिए, एक सनातन धर्म के लिए और दो मां-बाप के लिए।”
गजवा-ए-हिंद और भगवा-ए-हिंद पर बयान
शिवपुरी में दिए गए अपने भाषण में शास्त्री ने गजवा-ए-हिंद की अवधारणा का विरोध करते हुए कहा कि वह “किसी भी परिस्थिति में देश को गजवा-ए-हिंद नहीं बनने देंगे।” इसके साथ उन्होंने दावा किया कि भारत ‘भगवा-ए-हिंद’ की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आगे भी यही दिशा कायम रहेगी।

मथुरा और अयोध्या के संदर्भ में टिप्पणी
भागवत कथा के दौरान शास्त्री ने राम जन्मभूमि (अयोध्या) और कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों में भी जाकर अल्पसंख्यक क्षेत्रों में हिंदुओं की मजबूती के लिए प्रयास करेंगे।
राजनीति से दूरी, धर्म सेवा को प्राथमिकता
एक अलग बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे। उनके अनुसार, धर्म सेवा ही उनका पहला और अंतिम कर्तव्य है।
पाठ्यक्रम में गीता-रामायण की मांग
शास्त्री ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि “जिस पाठ्यक्रम में रामायण और गीता नहीं, वह देश के बच्चों के लिए उपयोगी नहीं।” उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से आग्रह किया कि धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए ताकि बच्चे “संस्कार आधारित नागरिक” बन सकें।
अब्दुल कलाम का उदाहरण
दिल्ली धमाकों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में शास्त्री ने समुदाय विशेष के युवाओं को आतंकवाद की राह से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि “हमें ऐसे युवा चाहिए जो डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की तरह देश को आगे ले जाएं, न कि हिंसा के रास्ते पर चलें।”
सोशल मीडिया को लेकर चेतावनी
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सोशल मीडिया की नकारात्मकता पर चिंता जताई। माता-पिता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को तभी सुरक्षित भविष्य मिल सकता है जब उन्हें अच्छे संस्कार और डिजिटल अनुशासन दोनों दिए जाएं।





