BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: कलेक्टोरेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई उस समय अव्यवस्थित हो गई जब एक महिला ने लगातार हंगामा शुरू कर दिया। महिला को शांत कराने के लिए महिला पुलिसकर्मी और सुरक्षा गार्ड कई बार समझाते रहे, लेकिन वह नहीं मानी। इस दौरान उसने खुद को विधायक बताते हुए जमकर शोर-शराबा किया। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के कारण जनसुनवाई की प्रक्रिया बाधित रही।
सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली जनसुनवाई में 100 से अधिक लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान मिनाल रेसिडेंसी निवासी शोभना सिंह अपनी शिकायत के समाधान में देरी को लेकर मीटिंग हॉल में जोरदार विरोध करने लगीं। अधिकारियों ने समझाया कि उनका मामला पुलिस से जुड़ा है, लेकिन महिला अपनी बात पर अड़ी रहीं। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी और एडीएम अंकुर मेश्राम ने भी उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, पर कोई असर नहीं हुआ।
महिला अपनी 11 वर्षीय बेटी के साथ जनसुनवाई में आई थीं।
हंगामे की वजह से कई अन्य आवेदक काफी देर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, क्योंकि अधिकारी और कर्मचारी लगातार महिला को काबू में करने की कोशिश में लगे हुए थे।
पहले भी कर चुकी हंगामा
बताया गया कि शोभना सिंह करीब तीन महीने पहले भी इसी तरह जनसुनवाई में पहुंचकर शिकायत कर चुकी हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, 9 दिसंबर 2022 को उन्हें मंशाराम नाम के व्यक्ति ने फोन कर मकान खाली करने की धमकी दी थी। शोभना का कहना है कि वह अपनी 11 साल की बेटी के साथ अकेली रहती हैं और उनके मकान मालिक ग्वालियर में रहते हैं। उनके बीच 11 महीने का किरायानामा भी है। इसके बावजूद मंशाराम उन्हें बार-बार धमकाता है और परेशान करता है।





