BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: दिल्ली बम ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि संदिग्ध एक नहीं, बल्कि दो कारों से घटनास्थल तक पहुंचे थे। इन कारों में से एक लाल रंग की फोर्ड इको स्पोर्ट्स बताई जा रही है। इसी कार की अब दिल्ली पुलिस को तलाश है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके के एक पते पर रजिस्टर्ड है। गाड़ी का नंबर DL10CK0458 बताया गया है, जिसे 22 नवंबर 2017 को खरीदा गया था। इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस के साथ-साथ यूपी और हरियाणा पुलिस को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली के सभी पुलिस थानों, चौकियों और बॉर्डर चेकपोस्टों पर इस लाल रंग की कार को खोजने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली पुलिस की पांच टीमें लगी तलाश में
दिल्ली पुलिस की पांच विशेष टीमें इस संदिग्ध कार की तलाश में जुटी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह कार संदिग्ध आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई थी। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटनास्थल से यह कार कहां गई और किस दिशा में आगे बढ़ी।
डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज पर जांच एजेंसियों की नजर
इस बीच, पुलिस को डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। बरामद सामान में एक कीपैड मोबाइल, चाकू और लैपटॉप शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, यूपी एटीएस और जम्मू पुलिस ने मंगलवार को डॉ. परवेज और डॉ. शाहीन के पिता के घर भी तलाशी ली थी। हालांकि पिता के घर से कुछ विशेष नहीं मिला, लेकिन परवेज के बंद मकान से टीम को कई अहम सुराग मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. परवेज, डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल आपस में ऑनलाइन संपर्क में रहते थे। बताया जा रहा है कि डॉ. मुजम्मिल ने पहले शाहीन और फिर परवेज को कट्टरपंथ की राह पर धकेला था। तीनों पिछले दो से तीन वर्षों से किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश में शामिल थे और उन्होंने कई स्थानों की रेकी भी की थी।
डॉ. परवेज के घर के बाहर जो गाड़ी मिली है, वह सहारनपुर से खरीदी गई थी। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि धमाके से जुड़ी हर कड़ी को जोड़ा जा सके।





