Report: Ram yadav
रायसेन। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन कुछ लापरवाह शिक्षक सरकार के इन प्रयासों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। रायसेन जिले के सांची विकासखंड के ग्राम रायपुर रमासिया की प्राथमिक शाला की स्थिति इसका बड़ा उदाहरण है। शासन द्वारा फंड जारी होने के बावजूद स्कूल भवन की पुताई तक नहीं कराई गई है। विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार है, शौचालयों की हालत बदतर है और बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों ने स्कूल की बदहाल स्थिति से परेशान होकर स्वदेश न्यूज की टीम को मौके पर बुलाया। जब टीम कवरेज करने पहुंची तो वहां पदस्थ शिक्षिका राजेश्वरी पंथी भड़क उठीं। उन्होंने स्कूल का गेट बंद कर दिया और कवरेज रोकने की कोशिश की, लेकिन न्यूज टीम ने कवरेज जारी रखा और ग्रामीणों से बातचीत की।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। इस लापरवाही की सजा छोटे-छोटे बच्चों को भुगतनी पड़ रही है।सवाल उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतनी गंभीर है और करोड़ों रुपये जारी किए जा रहे हैं, तो फिर ऐसे गैर-जिम्मेदार शिक्षक क्यों खुलेआम व्यवस्था को धता बता रहे हैं? “सब पढ़ें, सब बढ़ें” का नारा तभी साकार होगा, जब स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।





