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ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक किसान कांग्रेस एवं भारत कृषक समाज के संयुक्त तत्वावधान में किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट: सेवकराम चौबे

कसरावद: ब्लॉक किसान कांग्रेस और भारत कृषक समाज ब्लॉक इकाई के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन सुभाष यादव के निर्देशन में आज क्षेत्र के किसानों एवं आमजनों ने अपनी प्रमुख समस्याओं के निराकरण की माँग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार (राजस्व) कसरावद को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य माँगें किसानों को राहत देने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा भारतीय कपास निगम की खरीदी तत्काल प्रारंभ की जाए
किसानों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि इस वर्ष अतिवृष्टि और बेमौसम वर्षा के कारण कपास की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कसरावद विधानसभा क्षेत्र में प्रारंभ में वर्षा की कमी और बाद में अधिक वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। वर्तमान में कपास की आवक शुरू हो चुकी है, किंतु भारतीय कपास निगम (सी सीआई) द्वारा खरीदी प्रारंभ न होने से किसान अपनी उपज औने-पौने दामों में निजी व्यापारियों को बेचने को विवश हैं। साथ ही मांग की गई कि कृषि उपज मंडी कसरावद सहित पूरे खरगोन जिले की मंडियों में सीसीआई की खरीदी तत्काल प्रारंभ की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सके।

खरीदी प्रक्रिया में अनावश्यक दस्तावेजी जटिलता न हो


किसानों ने यह भी आग्रह किया कि सीसीआई खरीदी के दौरान किसानों को कागजी कार्यवाही के नाम पर परेशान न किया जाए और खरीदी प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जाए। बेमौसम बारिश से प्रभावित कपास में नमी को लेकर राहतपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाए ज्ञापन में कहा गया कि प्राकृतिक आपदा के कारण कपास में नमी की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे में नमी के कारण खरीदी से इनकार न किया जाए, बल्कि किसानों के हित में व्यवहारिक निर्णय लेकर खरीदी सुनिश्चित की जाए।

रबी फसलों के लिए रासायनिक खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए


किसानों ने यह भी बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन में खाद की भारी कमी रही, जिसके चलते किसानों को घंटों लाइन में लगकर मात्र दो बोरी खाद प्राप्त हो पाई। अब रबी सीजन के लिए गेंहू और चना जैसी फसलों की बुआई प्रारंभ हो रही है, अतः किसानों को यूरिया और डीएपी की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जाए। उन्होंने माँग की कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग और आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि रबी फसलों की बुआई सुचारू रूप से हो सके।

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