Isa Ahmad
मथुरा। यम द्वितीया (भैयादूज) के पावन अवसर पर गुरुवार को मथुरा के ऐतिहासिक विश्राम घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने यमुना जी में पवित्र स्नान कर यम की फांस से मुक्ति की कामना की। घाटों पर धार्मिक माहौल के बीच जय यमुने मइया के जयकारे गूंजते रहे।
सुबह से ही गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भाई-बहनों ने यमुना स्नान के बाद यमराज मंदिर में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने यमुना जी को वस्त्र, श्रृंगार सामग्री और दीप अर्पित किए, वहीं धर्मराज यमराज को काला वस्त्र समर्पित कर आशीर्वाद की कामना की।
धार्मिक महत्व और मान्यता
मथुरा में भैयादूज पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन यमुना स्नान कर यमराज और यमुना जी के दर्शन करने से मनुष्य को यम की फांस से मुक्ति मिलती है और भाई-बहन के बीच प्रेम और अटूट बंधन बना रहता है।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पीएसी के गोताखोरों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। विश्राम घाट सहित आसपास के घाटों पर बल्लियां बांधकर लगभग 25 फीट तक स्नान क्षेत्र को सुरक्षित किया गया।
इस दौरान नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय रहीं, जिन्होंने घाटों की स्वच्छता और व्यवस्था का ध्यान रखा।





