BY: Yoganand Shrivastva
कर्नाटक: रायचूर जिले में तैनात एक पंचायत विकास अधिकारी (PDO) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्च में हिस्सा लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारी की पहचान प्रवीण कुमार केवी के रूप में हुई है, जो सिरावर तालुक पंचायत में पदस्थ थे।
यह कार्रवाई ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग (RDPR) ने की है। विभाग ने यह कदम मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भेजे गए पत्र के बाद उठाया, जिसमें उन्होंने सरकारी कर्मचारियों द्वारा RSS जैसे संगठनों के कार्यक्रमों में भाग लेने पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
आरएसएस की वर्दी में लिया था हिस्सा
मिली जानकारी के अनुसार, प्रवीण कुमार ने 12 अक्टूबर को लिंगसुगुर में आयोजित आरएसएस के शताब्दी समारोह के पथ संचलन (मार्च) में भाग लिया था। वे कार्यक्रम में संगठन की यूनिफॉर्म और हाथ में छड़ी लेकर शामिल हुए थे। इस घटना को सिविल सर्विस आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया।
सस्पेंशन ऑर्डर और जांच के निर्देश
आईएएस डॉ. अरुंधति चंद्रशेखर, आयुक्त (पंचायत राज विभाग), ने निलंबन आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अधिकारी का यह आचरण राज्य सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 के नियम 3 और 5(1) का उल्लंघन है, जिसमें राजनीतिक निष्पक्षता, अनुशासन और गैर-राजनीतिक आचरण की अपेक्षा की जाती है।
डॉ. चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल या संबद्ध संगठन की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते। आदेश में कहा गया है कि प्रवीण कुमार के कार्य एक सरकारी कर्मचारी से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं थे।
जांच पूरी होने तक निलंबन जारी रहेगा
प्रवीण कुमार को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित रखा गया है और इस अवधि में उन्हें केवल जीविकोपार्जन भत्ता (subsistence allowance) मिलेगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।





