अल्लाहु अकबर के नारे और खून: क्या फ्रांस अब सुरक्षित नहीं ?

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अल्लाहु अकबर के नारे और खून: क्या फ्रांस अब सुरक्षित नहीं?

फ्रांस के पूर्वी क्षेत्र में शनिवार को एक भयावह चाकू हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे स्पष्ट रूप से “इस्लामिक आतंकवादी हमला” बताया। अभियोजकों ने खुलासा किया कि हमलावर 37 साल का व्यक्ति है, जो आतंक रोकथाम निगरानी सूची में शामिल था। हमले के तुरंत बाद संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया।

अल्लाहु अकबर के नारे और खून: क्या फ्रांस अब सुरक्षित नहीं?

हमले का विवरण और संदिग्ध की हरकत

फ्रांस की राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक इकाई (PNAT) के अनुसार, हमलावर ने सबसे पहले नगर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। इस दौरान उसने “अल्लाहु अकबर” (ईश्वर महान है) के नारे लगाए। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी पुष्टि की कि संदिग्ध ने कई बार यह शब्द दोहराया, जो मुस्लिम समुदाय में आस्था के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।

राहगीर की मौत, पुलिस पर हमला

हमले के बीच एक राहगीर ने संदिग्ध को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह बुरी तरह घायल हो गया और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। मुलहाउस अभियोजकों ने बताया कि मृतक 69 वर्षीय पुर्तगाली नागरिक था। वहीं, हमले में तीन अन्य पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं।


राष्ट्रपति मैक्रों और सरकार की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, “इस घटना को आतंकी हमला मानने में कोई संदेह नहीं है, खासकर इस्लामिक आतंकवाद से जुड़ा।” उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार आतंकवाद को खत्म करने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।

पीड़ितों के प्रति संवेदना

फ्रांस के कृषि मेले के दौरे के दौरान मैक्रों ने पीड़ित और उसके परिवार के प्रति राष्ट्र की एकजुटता जताई। प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बेरू ने कहा, “कट्टरपंथ ने एक बार फिर हम पर हमला किया है, हम शोक में डूबे हैं।”


घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति

अभियोजक निकोलस हेत्ज़ ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो पुलिसकर्मियों में से एक की गर्दन की धमनी में चोट लगी है, जबकि दूसरे के सीने में गहरी चोट आई है। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।


संदिग्ध की पृष्ठभूमि और निगरानी

आतंक रोकथाम सूची में शामिल

यूनियन सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध का जन्म अल्जीरिया में हुआ था। वह न्यायिक निगरानी और घर में नजरबंदी के अधीन था। इसके अलावा, उसके खिलाफ फ्रांस से निष्कासन का आदेश भी जारी था। वह आतंक रोकथाम निगरानी सूची (FSPRT) में दर्ज था, जो 2015 में चार्ली हेब्दो और यहूदी सुपरमार्केट हमलों के बाद शुरू की गई थी।


घटनास्थल पर कार्रवाई

सुरक्षा घेरा और जांच

हमला दोपहर करीब 4 बजे (15:00 GMT) से पहले हुआ, जब मुलहाउस में एक प्रदर्शन चल रहा था। घटना के बाद पुलिस ने इलाके को सील कर दिया। सैन्य इकाइयाँ सहायता के लिए पहुँचीं, और फोरेंसिक विशेषज्ञ सबूत जुटाने में जुट गए। आंतरिक मंत्री ब्रूनो रिटालो शनिवार देर रात घटनास्थल का दौरा करने वाले हैं।


स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया

मेयर का बयान

मुलहाउस की मेयर मिशेल लुत्ज़ ने फेसबुक पर लिखा, “हमारा शहर भय के साये में है।” उन्होंने कहा कि इसे आतंकी हमले के रूप में देखा जा रहा है, हालाँकि इसकी अंतिम पुष्टि न्यायिक जांच से होगी।

PNAT की जांच

राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक इकाई ने इस मामले को “आतंकी मंशा से हत्या और हत्या का प्रयास” के तहत दर्ज किया है।

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