रिपोर्ट दुष्येन्द्र कुमार
बरेली: भुता थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 18 वर्षीय युवक सलमान की आत्महत्या के बाद पुलिस पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं। मृतक के परिजनों का दावा है कि सलमान को एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में पूछताछ के दौरान क्राइम इंस्पेक्टर द्वारा शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गई, जिससे आहत होकर उसने जान दे दी।
परिजनों के अनुसार, 26 अप्रैल को सलमान को उसके पिता के साथ क्योलड़िया थाने में बुलाया गया था। पूछताछ के बाद वह रात करीब 10 बजे घर लौटा, लेकिन तब से वह गहरे मानसिक तनाव में था। अंततः 1 मई की रात को सलमान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिवार की महिलाओं का कहना है कि पूछताछ के दौरान सलमान को कथित रूप से थर्ड डिग्री टॉर्चर का सामना करना पड़ा। इस प्रकरण के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए छह घंटे तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बाद में सीओ संदीप सिंह के आश्वासन के बाद ही वे पोस्टमार्टम के लिए राज़ी हुए।
सीओ संदीप सिंह ने बताया कि 8 जनवरी 2025 को क्योलड़िया थाने में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान सलमान का मोबाइल नंबर सीडीआर में सामने आया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। अधिकारी ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम से पहले जो नीले निशान शरीर पर दिखते हैं, वे अक्सर फांसी के मामलों में सामान्य होते हैं। इसी आधार पर परिजनों को समझाया गया।
फिलहाल, मृतक के परिवार की तहरीर पर लड़की के तीन परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।





