यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं भेजने के लिए धन्यवाद कहा। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि हम भारत पर भरोसा करते हैं, और भारत के शांति और संवाद के प्रति रुख की सराहना की।
पीएम मोदी और ज़ेलेंस्की के बीच कूटनीतिक संवाद
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर लिखा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हम शांति और संवाद के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध के समाधान की कोशिश कर रही है और भारत का योगदान स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Thank you, Prime Minister @narendramodi, for the warm greetings on Ukraine’s Independence Day. We appreciate India’s dedication to peace and dialogue. Now, as the entire world strives to end this horrible war with dignity and lasting peace, we count on India’s contribution. Every… pic.twitter.com/FtwkXUhtEH
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) August 25, 2025
भारत पर भरोसा जताया
ज़ेलेंस्की ने पोस्ट में यह भी लिखा:
“कूटनीति को मजबूत करने वाला हर फैसला न केवल यूरोप में, बल्कि हिंद-प्रशांत और उससे आगे बेहतर सुरक्षा की दिशा में योगदान देता है।”
इस टिप्पणी के पीछे भारत की निष्पक्ष कूटनीति और युद्ध के बीच संतुलित भूमिका को ध्यान में रखा जा रहा है।
पीएम मोदी का पत्र और यादें
पीएम मोदी ने यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर ज़ेलेंस्की को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने यूक्रेन के लोगों को शुभकामनाएं दीं और पिछली साल कीव की अपनी यात्रा को भी याद किया।
ज़ेलेंस्की ने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साझा करते हुए भारत की सराहना की और दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंध को रेखांकित किया।
अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच, भारत और विश्व के अन्य देश स्थिरता और शांति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस समय, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल पर लगाए जा रहे दंडात्मक टैरिफ भी चर्चा का हिस्सा हैं, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका और भी अहम हो गई है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए भारत पर भरोसा जताया। यह संदेश दोनों देशों के बीच शांति, संवाद और कूटनीतिक सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।