रिपोर्ट- ताराचंद पटेल
अगर आप भी रास्ते में आने वाले ढाबों पर खाना खाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि लापरवाही से परोसा गया खाना किसी की जान भी ले सकता है। महासमुंद जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहाँ ढाबे का खाना खाने के बाद एक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजन और दोस्तों का आरोप है कि खराब खाने की वजह से ही यह हादसा हुआ।
दोस्तों संग ढाबे में खाया खाना, बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, महासमुंद जिले के बसना राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर स्थित बिहार-यूपी ड्राइवर ढाबा (भूकेल) में 28 अगस्त की रात कन्हैया कुमार चौधरी अपने 6 दोस्तों के साथ खाना खाने पहुंचे थे।
- कन्हैया चौधरी, भुवन पटेल और दिनेश सिदार ने मलाई रोटी का ऑर्डर किया।
- वहीं अन्य चार दोस्त मयंक चौधरी, हेतकुमार नायक, दीपक पटेल और घनश्याम पटेल ने दाल-चावल खाया।
खाना खाने के बाद सभी अपने गांव लुकापारा लौट आए। लेकिन अगली सुबह (29 अगस्त) को मलाई रोटी खाने वाले तीनों युवकों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द के चलते उनकी हालत नाजुक हो गई।
इलाज के बावजूद नहीं बची जान
हालांकि भुवन प्रसाद और दिनेश सिदार की तबीयत में सुधार हो गया, लेकिन कन्हैया चौधरी की हालत लगातार बिगड़ती गई।
- पहले उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- हालत गंभीर होने पर उसी शाम रायपुर के एक बड़े निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
लगभग 15 दिनों तक इलाज और लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद डॉक्टर कन्हैया की जान नहीं बचा पाए और 15 सितंबर 2025 को उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों ने जांच रिपोर्ट में मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया।
परिजनों की मांग – ढाबा हो सील
कन्हैया चौधरी परिवार का इकलौता बेटा था। मौत के बाद परिवार और दोस्तों ने ढाबा संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटिया और दूषित खाना परोसने के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना है कि दोषी संचालक पर कड़ी कार्रवाई की जाए और ढाबे को हमेशा के लिए सील किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार का दीपक न बुझे।
ढाबा संचालक का पक्ष
इस मामले में ढाबा संचालक शंभु सिंह का कहना है कि
“यहाँ रोजाना कई लोग खाना खाने आते हैं, लेकिन आज तक किसी ने शिकायत नहीं की। आरोप गलत हैं।”
फूड सेफ्टी विभाग ने शुरू की जांच
घटना की शिकायत मिलते ही फूड सेफ्टी विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारी ज्योति भानु ने बताया—
- ढाबे के सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
- जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





