Xi Jinping: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन पहुंचे। यहां उन्होंने चीन और अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनकर आगे बढ़ना चाहिए। शी ने कहा कि बदलते वैश्विक माहौल में चीन और अमेरिका के बीच स्थिर संबंधों के लिए दोनों देशों को साथ मिलकर सही रास्ता तलाशना चाहिए।
शी जिनपिंग का यह दौरा 23 से 25 सितंबर तक चलने वाला है और 2015 के बाद वॉशिंगटन की उनकी पहली यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
Xi Jinping: ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर ट्रंप ने किया शी का स्वागत
शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के अमेरिका पहुंचने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर अमेरिकी वायुसेना के बैंड ने प्रस्तुति दी और दोनों देशों के झंडे लगाए गए।
ट्रंप का एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से शी का स्वागत करना एक असामान्य कूटनीतिक प्रोटोकॉल माना गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने 11 साल पहले किसी विदेशी नेता का ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर व्यक्तिगत स्वागत किया था।
Xi Jinping: शी बोले- चीन और अमेरिका के हित आपस में जुड़े हैं
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अपने लिखित संबोधन में कहा कि चीन और अमेरिका दोनों बड़े देश हैं और दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से संपर्क और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को ऐसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जहां दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में योगदान दे सकें। उन्होंने चीन के राष्ट्रीय पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने के लक्ष्य को साथ आगे बढ़ने की संभावना से भी जोड़ा।
Xi Jinping: सहयोग मुख्य आधार, प्रतिस्पर्धा सीमित रखने की बात
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को एक स्थिर संबंध बनाने के लिए सहयोग को प्रमुख आधार बनाना चाहिए। साथ ही प्रतिस्पर्धा को एक सीमा के भीतर रखने और मतभेदों को प्रभावी तरीके से संभालने की जरूरत है।
शी ने कहा कि दुनिया बदल रही है और समय के साथ परिस्थितियां भी बदल रही हैं, लेकिन चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की ऐतिहासिक दिशा में बदलाव नहीं आया है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की स्थिर चीन-अमेरिका संबंधों की अपेक्षा का भी उल्लेख किया।
Xi Jinping: ट्रंप-शी बातचीत में व्यापार से लेकर AI तक कई मुद्दे
शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक में चीन-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इनमें व्यापार शुल्क, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैन्य संबंध, ताइवान, पश्चिम एशिया में संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरिक्ष में हथियारों की प्रतिस्पर्धा जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों, खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति और उन्नत अमेरिकी तकनीक तक चीन की पहुंच से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।
Xi Jinping: व्यापार तनाव कम करने पर भी नजर
चीन और अमेरिका के बीच व्यापार तनाव इस मुलाकात का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। दोनों देशों के बीच पहले से चल रही व्यापार व्यवस्था को आगे बढ़ाने को लेकर भी बातचीत हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्ष व्यापार युद्ध को फिलहाल नियंत्रित रखने और मौजूदा व्यापार समझौते की अवधि बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
हालांकि व्यापार के अलावा तकनीक और रणनीतिक मामलों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। इसलिए शी और ट्रंप की बातचीत में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ उन मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिन पर बीजिंग और वॉशिंगटन के रुख अलग-अलग हैं।
Xi Jinping: ताइवान और तकनीक पर भी बनी रहेगी नजर
ताइवान चीन-अमेरिका संबंधों का एक प्रमुख संवेदनशील मुद्दा है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान के साथ अपने संबंधों और हथियारों की बिक्री को लेकर बीजिंग के साथ लंबे समय से मतभेद रखता है। आगामी बातचीत में यह मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों मौजूद हैं। ऐसे में AI से जुड़े जोखिम, तकनीकी प्रतिबंध और दोनों देशों के बीच तकनीकी संपर्क भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
Xi Jinping: शी ने ट्रंप के साथ गहन बातचीत की जताई उम्मीद
शी जिनपिंग ने कहा कि वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ चीन-अमेरिका संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क तथा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

शी ने कहा कि दोनों पक्षों के संयुक्त प्रयासों से उनकी अमेरिका यात्रा सार्थक हो सकती है और इससे दोनों देशों के लोगों के हितों के साथ-साथ वैश्विक शांति और स्थिरता को भी लाभ पहुंच सकता है।
Xi Jinping: चीन के प्रतिनिधिमंडल में वांग यी और काई ची शामिल
शी जिनपिंग के साथ अमेरिका पहुंचे चीनी प्रतिनिधिमंडल में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक काई ची तथा केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।
शी की वॉशिंगटन यात्रा को चीन-अमेरिका संबंधों के मौजूदा दौर में महत्वपूर्ण कूटनीतिक संपर्क के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक और तकनीकी मुद्दों के साथ कई वैश्विक और रणनीतिक विषय भी शामिल रहने की संभावना है।
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