अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ फिर विवादों में घिर गई है। एक बार फिर इसके रिलीज में रोक लगा दी गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में सेंसर बोर्ड ने बताया कि अभी तक फिल्म को रिलीज करने के लिए सर्टिफाइड नहीं किया है। जो भी शिकायतें मिली हैं उन पर जांच की जाएगी उसके बाद ही सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि जब तक फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिलता तब तक इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती।
इमरजेंसी को लेकर क्यों हो रहा विवाद?
इस मामले को लेकर अभिनेता रजा मुराद की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ रिलीज से पहले ही विवादों में है। इसके ट्रेलर से एक वर्ग आहत हुआ है और वे इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध करना सभी का अधिकार है। यह लोकतंत्र है। कोई भी व्यक्ति न्यायालय जा सकता है, यह उसका अधिकार है।
कंगना को दी ये सलाह
उन्होंने आगे कहा कि अगर कंगना को लगता है कि उसके साथ अन्याय हो रहा है, तो वह भी न्यायालय जा सकती है। न्यायालय सबके लिए खुला है। न्यायालय ही अंतिम निर्णय करता है। इसलिए मैं यह कहना चाहूंगा कि आपातकाल पर पहले भी फिल्में आई हैं, लेकिन यह फिल्म चर्चा में है। अगर किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो इससे देश में अशांति फैलती है और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है। इसलिए इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
सब कुछ शांति से हो
आप विरोध कर सकते हैं, लेकिन हमारा लोकतंत्र है। हमारी सेंसरशिप संस्था जिम्मेदारी से काम करती है, लेकिन कभी-कभी उन्हें भी यह सोचना चाहिए कि ऐसा कुछ नहीं दिखाया जाना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति या एक वर्ग की छवि खराब हो। हम यह नहीं कह सकते कि यह विवाद क्या मोड़ लेगा, लेकिन हम चाहते हैं कि सब कुछ शांति से हो।





