रिपोर्टर: समीम खान
खून से लथपथ हालत में पहुंचा थाने
अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्राम परसोडीकला के ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार दोपहर इस विरोध ने उग्र रूप ले लिया, जब खनन कार्य से जुड़ी टीम सैंपलिंग के लिए क्षेत्र में पहुंची। सैंपलिंग के दौरान ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और देखते ही देखते खनन उप प्रबंधक पर हमला कर दिया।
घटना के बाद खून से लथपथ उप प्रबंधक रमेश कुमार धीवर थाने पहुंचे और लखनपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
बिलासपुर से आई एक तकनीकी टीम द्वारा अमेरा खदान के सीमावर्ती क्षेत्र, ग्राम परसोडीकला के तालाब के नीचे, ड्रिल मशीन से कोयले के सैंपल लिए जा रहे थे। इसी बीच वहां ग्रामीण इकट्ठा हो गए और सैंपलिंग कार्य का विरोध करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब खनन उप प्रबंधक रमेश कुमार धीवर मौके पर सैंपलिंग की निगरानी कर रहे थे, तभी लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। इस हमले में रमेश कुमार को गंभीर चोटें आईं और वे खून से लथपथ हो गए।
पुलिस में शिकायत दर्ज
घायल अवस्था में उप प्रबंधक ने लखनपुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, हमले में शामिल ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में भी हो चुका है विरोध
गौरतलब है कि अमेरा खदान विस्तार को लेकर परसोडीकला के ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। इससे पहले भी ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान विस्तार से पर्यावरण को नुकसान होगा और उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
प्रशासन और कंपनी की चुनौती
इस घटना के बाद खदान विस्तार कार्य को लेकर प्रशासन और खनन कंपनी की चिंता बढ़ गई है। लगातार विरोध और अब हिंसक घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज़ से सख्त कदम उठाने की आवश्यकता जताई जा रही है।





