मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल की गतिविधियों को ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, विकास खंड और विधानसभा स्तर तक बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार सांसद खेल स्पर्धा की तर्ज पर विधायक खेल स्पर्धा को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए विधायको का आह्वान किया जाएगा। गांव से लेकर विधानसभा स्तर तक होने के बाद इस स्पर्धा को जिले स्तर पर सांसद खेल स्पर्धा के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
सीएम योगी बुधवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण खेल लीग के द्वितीय संस्करण के शुभारंभ एवं षष्ठम ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्मृति अखिल भारतीय प्राइजमनी कबड्डी प्रतियोगिता के समापन-पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्रामीण खेल लीग की मशाल को गत लीग में दो गोल्ड मेडल जीतने वाले एथलेटिक खिलाड़ी अभय को सौंपकर लीग के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया और कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल से सबको खेलने, फलने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही बात कहते हैं कि जो खेलेगा वही खिलेगा। जो खिलेगा वही फलेगा और बढ़ेगा भी। पीएम मोदी की प्रेरणा से देश में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेल स्पर्धा और हर जिले में स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) के सेंटर स्थापित कर खेल की गतिविधियों को पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी तरह राज्य के अंदर भी खेल की गतिविधियों को बढ़ाने और आज की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के कार्यक्रम युद्व स्तर पर चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ग्रामीण लीग इसी की कड़ी है।
प्रदेश में अब तक पांच सौ खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेलों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार खेल से जुड़ी निजी संस्थाओं को भी प्रोत्सहित कर रही है। इसके लिए खेल नीति में संशोधन भी किया गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती से लेकर स्पोर्ट्स कोटा से नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार अब तक पांच सौ से अधिक खिलाड़ियों को सरकार के युवा कल्याण, पुलिस, परिवहन आदि विभागों में सेवायोजित कर उन्हें करियर के प्रति आश्वस्त कर चुकी है। प्रदेश सरकार खेलों को लेकर जो कार्यक्रम चला रही है उससे आने वाले समय मे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में और मदद मिलेगी।
ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता यूपी के खिलाड़ी को 6 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़, रजत पदक विजेता को 4 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये देने की व्यवस्था है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में यह राशि क्रमशः 3, 2 व 1 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 1.5 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को 75 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसी तरह कामनवेल्थ खेल तथा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता को 1.5 करोड़, रजत पदक विजेता को 75 लाख व कांस्य पदक विजेता को 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये तथा कामनवेल्थ और वर्ल्ड चैंपियनशिप के प्रतिभागी खिलाड़ियों को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता से प्रयास करते रहे ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ
इस अवसर पर अपने गुरुदेव और जिनकी स्मृति में यह कबड्डी प्रतियोगिता हुई, का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का पूरा जीवन देश और धर्म के लिए समर्पित रहा। साथ ही वह खेलों को भी आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता से प्रयास करते रहे। संबोधन से पूर्व सीएम योगी ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
यूपी ने देश को दिए कई प्रमुख कबड्डी खिलाड़ी
सीएम योगी ने कहा कि यूपी ने देश को कई प्रमुख कबड्डी खिलाड़ी दिए। संजीव बालियान, बृजेंद्र, यशपाल, धर्मवीर, योगराज, राहुल चौधरी, नितिन तोमर आदि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपने जज्बे से कबड्डी के खेल को नई ऊंचाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्डी केवल ताकत का खेल नहीं है। इसमें सजगता, स्फूर्ति और टीम वर्क भी बेहद जरूरी है।





