BY
Yoganand Shrivastava
Ujjain news: जिले के नागदा में इंसानियत और पुलिस की तत्परता की मिसाल देखने को मिली, जब थाना प्रभारी ने फंदे से लटके युवक की जान बचा ली। मौके पर पहुंचकर टीआई ने न सिर्फ युवक को नीचे उतारा, बल्कि लगातार सीपीआर देकर उसकी सांसें वापस लौटा दीं। इस सराहनीय कार्य पर पुलिस महानिदेशक ने इनाम देने की घोषणा की है।
पिता की सूचना पर तुरंत पहुंचे टीआई
सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी इलाके में गश्त पर थे। तभी एक युवक के पिता घबराए हुए उनके पास पहुंचे और बताया कि उनका बेटा घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। सूचना मिलते ही टीआई बिना देरी किए युवक के घर पहुंचे।
दरवाजा तोड़कर उतारा फंदे से
मौके पर पहुंचकर टीआई ने कमरे का दरवाजा तुड़वाया और परिजनों की मदद से चाकू से फंदा काटकर युवक को नीचे उतारा। तब तक युवक का शरीर कड़क हो चुका था और परिजन उसे मृत मानकर विलाप कर रहे थे।
सीपीआर से लौटी सांसें
थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। करीब दो से तीन मिनट तक लगातार प्रयास के बाद युवक के शरीर में हलचल हुई और उसकी सांसें लौट आईं।
अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
युवक को तत्काल पुलिस वाहन से नागदा स्थित अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच सकी। इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य हो गई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉक्टरों ने की टीआई की तारीफ
अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि युवक जब लाया गया था तब वह अचेत अवस्था में था, ऑक्सीजन स्तर कम और रक्तचाप अधिक था। प्राथमिक उपचार और निगरानी के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।

पहले भी बचा चुके हैं जान
टीआई अमृतलाल गवरी ने बताया कि इससे पहले भी वे सीपीआर देकर एक पुलिसकर्मी की जान बचा चुके हैं। छह महीने पहले सड़क दुर्घटना में घायल सिपाही को उन्होंने समय पर सीपीआर देकर जीवनदान दिया था।
युवक की काउंसलिंग भी की
युवक के स्वस्थ होने के बाद थाना प्रभारी ने उसकी काउंसलिंग की और उसे भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की समझाइश दी। युवक पारिवारिक कारणों से तनाव में था और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था।
डीजीपी ने किया सम्मान का ऐलान
इस साहसिक और मानवीय कार्य पर भोपाल पुलिस मुख्यालय से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने टीआई अमृतलाल गवरी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।





