Report: Vishal Dubey
Ujjain वैश्विक युद्ध की आग ने अब बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के घरों और होटलों की रसोई को ठंडा करना शुरू कर दिया है। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर भारत में एलपीजी (LPG) सप्लाई पर पड़ा है। उज्जैन में कमर्शियल और घरेलू गैस की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि अब आम आदमी को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

Ujjain देवास रोड गैस एजेंसी पर उमड़ा ‘जन-सैलाब’
स्वदेश न्यूज की टीम जब देवास रोड स्थित भारत गैस एजेंसी पहुँची, तो वहाँ का मंजर देख हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था।
- लाइनों में लगीं ग्रहणियां: सुबह 5 बजे से ही महिलाएं और परिवार के सदस्य खाली सिलेंडर लेकर कतारों में खड़े हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले मोबाइल से घर बैठे बुकिंग हो जाती थी, लेकिन अब डिलीवरी नहीं मिलने के कारण खुद एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
- तकनीकी दिक्कतें: बुकिंग सिस्टम के सर्वर डाउन होने और ऑनलाइन प्रक्रिया धीमी होने के कारण लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
Ujjain महाकाल मंदिर क्षेत्र के भोजनालयों पर ‘ताले’ लगने की नौबत
उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास लगभग 350 से 1000 छोटे-बड़े रेस्टोरेंट और भोजनालय हैं।
- खत्म होता स्टॉक: अधिकांश होटल संचालकों के पास अब केवल 1-2 दिन का गैस स्टॉक बचा है।
- वैकल्पिक सहारा: मजबूरी में संचालकों ने आधुनिक उपकरणों को छोड़कर पुराने जमाने के कोयले और लकड़ी के चूल्हों का रुख किया है। कुछ जगहों पर इंडक्शन प्लेट्स का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन भारी भीड़ के लिए यह नाकाफी साबित हो रहा है।
Ujjain ब्लैक में ₹4000 का एक सिलेंडर और प्रशासन की सख्ती
संकट के इस दौर में कालाबाजारी करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। खबर है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ब्लैक मार्केट में ₹4000 तक पहुँच गई है।
- छापेमारी की कार्रवाई: शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर शहर के कई ठिकानों पर छापेमारी की है।
- सरकारी सलाह: प्रशासन ने होटलों को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) या इलेक्ट्रिक कुकिंग अपनाने की सलाह दी है, हालांकि छोटे व्यापारियों के लिए तत्काल यह बदलाव करना आर्थिक रूप से बड़ी चुनौती है।
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