Ujjain Cultural Festival: उज्जैन में शुरू होगा पाँच दिवसीय श्रीमहाकाल महोत्सव, संगीत और संस्कृति का होगा अनूठा संगम

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Ujjain Cultural Festival

Ujjain Cultural Festival: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को श्रीमहाकाल महालोक, उज्जैन में पाँच दिवसीय ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। यह महोत्सव 18 जनवरी तक चलेगा और श्रीमहाकाल महालोक तथा त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।

Ujjain Cultural Festival

Ujjain Cultural Festival: महोत्सव का आयोजन और उद्देश्य

यह महोत्सव वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनेगी।

संगीत सरिता पांच दिनों तक बहेगी

  • 14 जनवरी: सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की प्रस्तुति देंगे।
  • 15 जनवरी: मुंबई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा।
  • 16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।
  • 17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला और मुंबई के विपिन अनेजा एवं उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी।
  • 18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा।

Ujjain Cultural Festival: त्रिवेणी संग्रहालय में जनजातीय संस्कृति का दर्शन

महोत्सव में प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे।

  • इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन शामिल होगा।
  • प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुंचेगी।
  • इस दौरान शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेंगे।

Ujjain Cultural Festival: 15 जनवरी को होगा बौद्धिक विमर्श

15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है। इस संगोष्ठी में विद्वान शिव तत्त्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे।

आमजन को इस भक्तिमय महोत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

Sukma Development: सुकमा के विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में सरकार के बड़े कदम

Sukma Development: नक्सल प्रभावित क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर