Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान के साथ युद्ध समाप्त हो जाएगा। अमेरिका में आगामी नवंबर में मिड-टर्म चुनाव होने हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान लंबे समय तक इस संघर्ष को जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
ट्रंप ने यह बयान ऐसे वक्त दिया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है। ऐसे में ट्रंप का यह दावा क्षेत्रीय तनाव के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
Trump: ट्रंप बोले- ईरान ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा
डलास में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव समाप्त होते ही यह युद्ध खत्म हो जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी बात पर जोर देते हुए दोबारा कहा कि चुनाव के तुरंत बाद संघर्ष समाप्त होने की संभावना है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि ईरान इस टकराव को लंबे समय तक झेलने की स्थिति में नहीं रहेगा।
Trump: ईरान पर अमेरिकी चुनाव प्रभावित करने का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका के आगामी मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि तेहरान चाहता है कि अमेरिकी राजनीति में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़े, जो ईरान के खिलाफ सख्त रुख न अपनाएं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ऐसे राजनीतिक समूह के सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है, जो उस पर दबाव कम करे और उसे परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति दे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार पहुंच गए तो इसका असर केवल अमेरिका या मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
Trump: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा सैन्य तनाव
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है, जब हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों तथा रणनीतिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाया है। इस संघर्ष ने मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी ने बुधवार को दावा किया कि उसने अमेरिका से जुड़े दो जहाजों, आठ तेल टैंकरों और दस अन्य जहाजों को निशाना बनाया है। इन जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने की बात कही गई है।
Trump: होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
ऐसे में इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने का असर केवल अमेरिका और ईरान के संबंधों तक सीमित नहीं रह सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का लंबा व्यवधान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा सकता है।
Trump: परमाणु समझौते से आगे होगी बातचीत
ईरान के साथ संभावित बातचीत को लेकर भी ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की चर्चा केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं होगी। उनके मुताबिक, परमाणु मुद्दा बातचीत का हिस्सा जरूर रहेगा, लेकिन इसके अलावा भी कई दूसरे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
ट्रंप ने परमाणु समझौते की संभावना को लेकर बेहद मजबूत भरोसा जताया और कहा कि इसके होने की संभावना 99.9 प्रतिशत है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित वार्ता का दायरा पहले की तुलना में काफी व्यापक होगा और बातचीत की मेज पर कई ऐसे मुद्दे होंगे, जो कुछ महीने पहले चर्चा का हिस्सा नहीं थे।
Trump: अमेरिका बातचीत की कोशिश कर रहा है या नहीं?
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका फिलहाल तेहरान के साथ सक्रिय रूप से बातचीत शुरू करने की कोशिश नहीं कर रहा है।
ऐसे में ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि सैन्य दबाव के बीच अमेरिका भविष्य में कूटनीतिक विकल्प खुला रखना चाहता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मध्यावधि चुनाव तक अमेरिका-ईरान संघर्ष किस दिशा में जाता है और क्या ट्रंप का युद्ध खत्म होने वाला दावा वास्तव में साकार होता है।
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