पचास बाल्टी पेशाब से होकर निकली माचिस की कहानी — जब एक एल्कमिस्ट ने सोना बनाने की कोशिश में खोज लिया फास्फोरस

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

concept&writer: Yoganand Shrivastva

साल 1670 का दशक था। जगह — हैम्बर्ग, जर्मनी। शहर के बीचोंबीच एक पुराना तहखाना, जहां मोमबत्तियों की हल्की रोशनी टिमटिमा रही थी, हवा में एक अजीब सी बदबू थी — पेशाब की बदबू। और वहां, उस बदबू के बीच, एक आदमी झुका हुआ था — नाम था हेनिंग ब्रांड (Hennig Brand)। पेशे से वो “एल्कमिस्ट” था — यानी ऐसा वैज्ञानिक जो रासायनिक प्रयोगों के ज़रिए सोना बनाने की कोशिश करता था। उस दौर में यूरोप के कई हिस्सों में “एल्कमी” का जुनून चढ़ा हुआ था। लोग मानते थे कि अगर सही तरीके से प्रयोग किया जाए तो साधारण धातुओं से सोना बनाया जा सकता है। ब्रांड भी उसी विश्वास से प्रेरित था। लेकिन उसके प्रयोग इतने अजीब थे कि आज भी सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं — उसने सोना बनाने के लिए इंसानी पेशाब का इस्तेमाल किया। हां, आपने सही पढ़ा — पेशाब। और वो भी एक-दो नहीं, पूरे पचास बाल्टी।

कहानी शुरू होती है ब्रांड की ज़िंदगी से। वह एक जर्मन सैनिक रह चुका था, लेकिन युद्ध के बाद उसने रसायनशास्त्र में रुचि ली। उसकी पत्नी अमीर थी, इसलिए उसके पास काफी धन था — और यही पैसा उसने अपने ‘रहस्यमयी प्रयोगों’ में झोंक दिया। ब्रांड का विश्वास था कि मानव शरीर में ‘जीवन का सार’ मौजूद है, और अगर वह इस सार को निकाल ले, तो सोना बना सकता है — क्योंकि सोना ‘शुद्धता’ का प्रतीक था और शरीर में मौजूद ‘जीवनी शक्ति’ उसे बनाने में सक्षम हो सकती थी। उसने सोचा कि पेशाब — जो शरीर का उत्सर्जन है — उसमें यही सार छिपा है।

और फिर शुरू हुआ एक विचित्र प्रयोग। ब्रांड ने अपने घर में लकड़ी के पीपे रखे और अपने दोस्तों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों से पेशाब इकट्ठा करना शुरू कर दिया। जल्द ही उसके पास करीब पचास बाल्टियाँ भर गईं। अब उसने उन्हें तहखाने में रखा ताकि कुछ दिनों में पेशाब सड़ जाए और उसमें मौजूद तत्व अलग हो जाएं। पूरा तहखाना एक असहनीय बदबू से भर गया। उस बदबू से लोग गुजरते हुए नाक पकड़ लेते, लेकिन ब्रांड को परवाह नहीं थी। उसके दिमाग में बस एक ही ख्याल था — “अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो मैं इंसान नहीं, इतिहास बन जाऊंगा।”

कई दिनों तक पेशाब को उसने सड़ने दिया। फिर उसने उसे गर्म करना शुरू किया। पहले हल्की आंच, फिर तेज़। धीरे-धीरे भाप उठने लगी, और पीला-सा तरल भाग अलग होने लगा। ब्रांड ने उस तरल को इकट्ठा किया और फिर से गर्म किया। घंटों तक यह प्रक्रिया चलती रही। आखिरकार, जब उसने उस मिश्रण को ठंडा किया, तो उसने देखा — एक सफेद, चमकदार पदार्थ निकल रहा है, जो अंधेरे में अपने आप चमक रहा था। और इतना ही नहीं, अगर उसे हवा लगती तो वो जल उठता। ब्रांड हैरान रह गया। उसने सोचा — “क्या ये सोना है?” लेकिन नहीं, वो सोना नहीं था। वो था “फास्फोरस” — एक ऐसा तत्व जो अपने आप प्रकाश देता है।

ब्रांड को नहीं पता था कि उसने क्या खोजा है। लेकिन यह खोज इतिहास की दिशा बदलने वाली थी। “फास्फोरस” शब्द ग्रीक भाषा के शब्द Phosphoros से आया है, जिसका अर्थ है “प्रकाश लाने वाला” या “Light Bringer”। हेनिंग ब्रांड ने अंजाने में दुनिया का पहला “फॉस्फोरस” यौगिक अलग कर लिया था। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो यह खोज अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह मानव शरीर से किसी शुद्ध तत्व की पहली “आइसोलेशन” थी — यानी पहली बार किसी ने जैविक स्रोत से रासायनिक तत्व को निकाला था।

ब्रांड की खोज जल्द ही वैज्ञानिकों के बीच चर्चा का विषय बन गई। उस समय जर्मनी में रसायन विज्ञान (Chemistry) अभी अपनी शुरुआती अवस्था में था। ब्रांड की यह खोज “एल्कमी” से “साइंस” की ओर बढ़ते कदम का संकेत थी। जब लोगों को पता चला कि उसने पेशाब से ऐसा पदार्थ निकाला है जो खुद जल उठता है, तो कई वैज्ञानिक उसके पास आए। उनमें से एक था जोहान डैनियल क्राफ्ट और दूसरा — जर्मन वैज्ञानिक गॉटफ्रीड विल्हेल्म लाइबनिट्ज़। ब्रांड ने पहले तो अपनी खोज को गुप्त रखा, क्योंकि उसे लगा कि वह इसे “सोना बनाने” में इस्तेमाल कर सकेगा। लेकिन धीरे-धीरे यह रहस्य खुल गया।

लाइबनिट्ज़ ने ब्रांड से इस फास्फोरस को खरीद लिया और पूरे यूरोप में इसे दिखाने लगा। जहां-जहां वह गया, लोग उस पदार्थ को देखकर दंग रह गए — अंधेरे में चमकता सफेद पदार्थ, जो हवा लगते ही आग पकड़ लेता था। कुछ लोगों ने इसे “जीवित प्रकाश” कहा, तो कुछ ने इसे “शैतान की रौशनी” बताया। लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे एक नई दिशा के रूप में देखा।

समय के साथ फास्फोरस की खोज ने रसायनशास्त्र को बदल दिया। बाद के वैज्ञानिकों ने पाया कि यह तत्व कई रूपों में पाया जा सकता है — जैसे सफेद, लाल, और काला फास्फोरस। सफेद फास्फोरस अत्यंत विषैला और ज्वलनशील होता है, जबकि लाल फास्फोरस तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है। और इसी लाल फास्फोरस से निकली आगे चलकर “माचिस” की कहानी।

19वीं सदी में वैज्ञानिकों ने यह समझ लिया था कि फास्फोरस की रासायनिक विशेषताएं आग पैदा करने में बेहद उपयोगी हैं। पहले की माचिसें खतरनाक होती थीं — क्योंकि उनमें सफेद फास्फोरस का इस्तेमाल होता था, जो ज़हरीला था और मज़दूरों को गंभीर बीमारियां देता था। 1800 के दशक में इंग्लैंड और स्वीडन के कारखानों में “फॉस्फोरस जॉ” नाम की बीमारी फैल गई थी, जिसमें मजदूरों के जबड़े गल जाते थे। तब स्वीडन के वैज्ञानिक जोहान एडवर्ड लुंडस्ट्रॉम ने “सुरक्षित माचिस” बनाई, जिसमें सफेद फास्फोरस की जगह लाल फास्फोरस का उपयोग किया गया — जो डिब्बे की साइड पर होता था। यही आज की आधुनिक माचिस है।

सोचिए, जिसकी शुरुआत पेशाब की 50 बाल्टियों से हुई थी, वही खोज आज हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा बन गई। आज जब आप एक माचिस जलाते हैं, तो आप अनजाने में हेनिंग ब्रांड की उस गलती को याद कर रहे होते हैं, जिसने विज्ञान को नया रास्ता दिखाया।

लेकिन इस कहानी में छिपा सबक सिर्फ खोज का नहीं, बल्कि इंसानी जिद का है। ब्रांड ने पेशाब से सोना बनाने की कोशिश की, लेकिन सोना नहीं बना पाया — फिर भी उसने दुनिया को एक ऐसा तत्व दे दिया, जिसने रोशनी की परिभाषा बदल दी। यही विज्ञान की खूबसूरती है — कई बार हम जो खोजते हैं, वो नहीं मिलता, लेकिन जो मिल जाता है, वो दुनिया बदल देता है।

आज जब हम फास्फोरस की बात करते हैं तो हम इसे सिर्फ माचिस या रसायन के तौर पर नहीं देखते, बल्कि एक प्रतीक के रूप में देखते हैं — उस जुनून का, जिसने अंधेरे तहखाने में बदबूदार पेशाब से रोशनी निकाल ली। और यही है हेनिंग ब्रांड की असली उपलब्धि।

कहानी के अंत में अगर हम थोड़ा ठहरकर सोचें, तो यही समझ आता है कि मानव सभ्यता का हर बड़ा कदम किसी न किसी ‘पागलपन’ से शुरू होता है। ब्रांड का प्रयोग भले ही मूर्खतापूर्ण लगा हो, लेकिन उसी मूर्खता ने आधुनिक रसायन विज्ञान की नींव रखी। वह शायद खुद भी नहीं जानता था कि उसका नाम सैकड़ों साल बाद भी एक “चमत्कारिक खोज” के रूप में याद किया जाएगा।

इसलिए अगली बार जब आप किसी माचिस की तीली जलाएं और उसकी लौ को निहारें, तो ज़रा याद कीजिए — यह सिर्फ आग नहीं, बल्कि 1670 के उस जर्मन तहखाने की कहानी है, जहां एक एल्कमिस्ट ने पचास बाल्टी पेशाब से सोना तो नहीं, लेकिन ‘प्रकाश’ ज़रूर खोज लिया था। यही है — माचिस की असली कहानी: जब बदबू से निकली रोशनी, और गलती ने रचा इतिहास।

- Advertisement -
Ad imageAd image

KCG Cattle Smuggling Case: जंगल मार्ग से नागपुर ले जाए जा रहे मवेशी पकड़े

KCG Cattle Smuggling Case: पहाड़ी जंगल में पुलिस की दबिश, दो भैंस

Bhupesh Baghel Rajya Sabha Statement: राज्यसभा की दौड़ से खुद को अलग बताया भूपेश बघेल

Bhupesh Baghel Rajya Sabha Statement: बालोद दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री का बड़ा

AYODHYA: अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा रामकथा पार्क में G+3 भवन निर्माण कार्य जारी

REPORT: VANDANA RAWAT AYODHYA: अयोध्या, 22 फरवरी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन

Pithampur Conclave ; मालवा की अनुकूल स्थितियों से औद्योगिक विकास को मिली नई गति : सीएम

Pithampur Conclave : राज्य सरकार औद्योगिक एवं उभरते क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ

Chenari Drinking Water Project: पहाड़ी गांवों में लिफ्ट से होगी पेयजल आपूर्ति

Chenari Drinking Water Project: सदन में उठाया मुद्दा Sasaram। Chenari Drinking Water

GovindpureBhopal22feb : राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा में किया सड़कों का निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश

GovindpureBhopal22feb : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री कृष्णा गौर

Love Birds Aviary : विदेशी पक्षियों से एवियारी हुआ गुलजार

Love Birds Aviary : डिप्टी सीएम ने मुकुंदपुर जू का किया निरीक्षण

Residential School Admission Exam: आवासीय विद्यालय में नामांकन परीक्षा आयोजित

Residential School Admission Exam: कक्षा 6 में प्रवेश हेतु दो घंटे चली

OperationCrackdown के तहत रुद्रप्रयाग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 879 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन

रिपोर्ट- सत्यपाल नेगी OperationCrackdown जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के

Giridih Political Controversy: गिरिडीह में बाबूलाल मरांडी का कार्यक्रम प्रशासन ने रुकवाया

Giridih Political Controversy: आचार संहिता उल्लंघन के आरोप के बाद प्रशासन का

PrayagrajNews : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो एक्ट के तहत FIR, शिष्य मुकुंदानंद समेत 2 अन्य अज्ञात के भी नाम

PrayagrajNews : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर

ChhindwaraNews : तामिया में बस पेड़ से टकराकर पलटी, 10 घायल, 3 की हालत गंभीर

संवाददाता – दिनेश नागवंशी ChhindwaraNews : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के

Hazaribagh Municipal Election 2026: हजारीबाग में नगर पालिका चुनाव की तैयारी तेज

Hazaribagh Municipal Election: हजारीबाग में नगर पालिका चुनाव की तैयारी तेज, मतदान

EntertainmentNews : माधुरी दीक्षित जापान वेकेशन पर, पति संग शेयर की खूबसूरत झलकियां

EntertainmentNews : बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित इन दिनों अपने व्यस्त

Kishtwar Encounter : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मुठभेड़: एक आतंकी ढेर, ऑपरेशन जारी

Kishtwar Encounter : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू इलाके में रविवार

Anti Naxal operation : टॉप नक्सली कमांडर देवजी ने किया सरेंडर, सरकार ने बताया बड़ी सफलता

Anti Naxal operation : छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा

Pak airstrike Afghanistan : पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 16 की मौत; TTP ठिकानों पर कार्रवाई का दावा

पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हवाई