Taj Mahal: मुगल बादशाह शाहजहां के ३७१वें उर्स के मौके पर शुक्रवार को ताजमहल में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर दो बजे के बाद ताजमहल में प्रवेश निशुल्क होते ही पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई। पूर्वी और पश्चिमी गेट पर लंबी कतारें लग गईं और हालात बेकाबू होते नजर आए।
भीड़ अधिक होने के कारण विदेशी और दिव्यांग पर्यटकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिव्यांग पर्यटकों को ट्राई साइकिल और व्हीलचेयर के साथ अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे तमिलनाडु से आए कई दिव्यांग पर्यटक निराश होकर लौट गए।

Taj Mahal: भीड़ बढ़ते ही बिगड़ी व्यवस्था, दिव्यांग पर्यटकों को नहीं मिली राहत
अत्यधिक भीड़ के चलते कई विदेशी पर्यटक मुख्य गुंबद तक नहीं पहुंच सके। अमेरिका से आई पर्यटक गेब्रलिन ने बताया कि उनका समूह ताजमहल देखने आया था, लेकिन भीड़ बहुत अधिक होने के कारण वे रॉयल गेट से ही ताजमहल देखकर वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि ताजमहल बेहद खूबसूरत है, लेकिन भीड़ के कारण अंदर तक जाना संभव नहीं हो सका।
पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्य मकबरे में प्रवेश के लिए पर्यटकों को बैच बनाकर ऊपर भेजा गया। इसके बावजूद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी रही।

Taj Mahal: यातायात भी हुआ प्रभावित, पुरानी मंडी में दिनभर जाम
ताजमहल क्षेत्र में उमड़ी भारी भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। पुरानी मंडी इलाके में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक सुचारू रखने के प्रयास किए जाते रहे।
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प्रशासन के मुताबिक, शाहजहां के उर्स के दौरान गुरुवार को करीब ७० हजार पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया। असली कब्र देखने को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा गया, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्थाएं लगातार दबाव में बनी रहीं।





