Supreme Court: देश की सर्वोच्च अदालत में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के पांच नए न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। हाल ही में केंद्र सरकार ने इन नियुक्तियों को मंजूरी प्रदान की थी, जिसके बाद शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे प्रशासनिक भवन परिसर (एबीसी) की तीसरी मंजिल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
Supreme Court: इन पांच हस्तियों को मिली सुप्रीम कोर्ट में जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट के नए न्यायाधीशों में चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। जिन लोगों को सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया है उनमें जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना का नाम शामिल है।
इन नियुक्तियों को न्यायपालिका में अनुभव और विविधता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर की गई हैं।
Supreme Court: समारोह के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा एजेंसियों को कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है। समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
प्रशासनिक भवन परिसर में समारोह वाले दिन आम वाहनों की पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। केवल अधिकृत अधिकारियों और रजिस्ट्रारों के वाहनों को ही परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा शाखा और सीपीडब्ल्यूडी समेत विभिन्न एजेंसियां आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं।
Supreme Court: केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिशों को दी मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा भेजी गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार ने इन पांच नामों को मंजूरी दी। इसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा की गई।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और न्यायिक क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
Supreme Court: कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी जानकारी
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नियुक्तियों की जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से आवश्यक परामर्श के बाद इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को सुप्रीम Court का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां न्यायपालिका को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
Supreme Court: कॉलेजियम ने मई में की थी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मई 2026 के दौरान आयोजित बैठकों में इन नामों पर विचार किया था। 22 मई और 27 मई को हुई बैठकों में विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना के नामों को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया गया था।
कॉलेजियम ने उनके अनुभव, न्यायिक कार्यकाल, फैसलों और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए इन नामों को अंतिम रूप दिया था।
Supreme Court: जस्टिस शील नागू का न्यायिक सफर
जस्टिस शील नागू ने मई 2011 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपना न्यायिक कार्यकाल शुरू किया था। लंबे अनुभव के बाद जुलाई 2024 में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जस्टिस श्री चंद्रशेखर को मिला सर्वोच्च न्यायालय में स्थान
जस्टिस श्री चंद्रशेखर जनवरी 2013 में झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश बने थे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और जनवरी 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला।
उनकी नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव का सम्मान माना जा रहा है।
Supreme Court: जस्टिस संजीव सचदेवा का अनुभव बनेगा अहम
जस्टिस संजीव सचदेवा अप्रैल 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। मार्च 2015 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद जुलाई 2025 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला।
अब सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति से न्यायिक कार्यों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जस्टिस अरुण पल्ली का रहा लंबा न्यायिक कार्यकाल
जस्टिस अरुण पल्ली दिसंबर 2013 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश बने थे। अप्रैल 2025 में उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
उनके प्रशासनिक और न्यायिक अनुभव को देखते हुए उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Supreme Court: वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना बनीं सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में सक्रिय वकालत कर रही हैं। उन्होंने संवैधानिक, दीवानी, सेवा और प्रशासनिक कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में पक्ष रखा है।
कानूनी क्षेत्र में उनके अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की ताकत बढ़कर 37 न्यायाधीश हुई
मौजूदा ‘मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर’ के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर गठित कॉलेजियम सर्वोच्च न्यायालय में रिक्त पदों के लिए सिफारिश करता है।
इन पांच नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई है। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





