Isa Ahmad
सोनभद्र। जिले की पिपरी थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो QR कोड स्कैन कर लोगों से ठगी किया करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पूरे मामले का खुलासा सीओ पिपरी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।
सीओ अमित कुमार ने बताया कि थाना पिपरी और साइबर क्राइम यूनिट ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से मुर्धवा मोड़ इलाके से चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी लोगों की दुकानों पर लगे असली QR कोड को स्कैन कर, उसके बदले फर्जी QR कोड लगाते थे और फिर उसी के जरिए ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर ठगी करते थे।
मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब रेनूकूट निवासी अजय कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी दुकान पर लगे QR कोड से किसी ने 5200 रुपये की धोखाधड़ी कर ली है। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आर्यन सिंह, अंगद सिंह, मो. आरिफ, और मो. तौहीद वारसी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि ये सभी आरोपी लखनऊ की यूनिवर्सिटीज़ में बीबीए और डेटा एनालिसिस जैसे कोर्स कर रहे थे, लेकिन पढ़ाई के साथ-साथ साइबर ठगी को अपना ‘धंधा’ बना लिया था।
पुलिस ने बताया कि ये आरोपी जनसेवा केंद्रों और फाइनेंस एजेंटों से संपर्क कर उनके QR कोड की कॉपी ले लेते थे, और फिर उन्हीं QR कोड्स के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन कर कमीशन कमाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।





