रायपुर: नए विधानसभा भवन में राज्य का पहला शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर 2025 से शुरू होगा। यह सत्र चार दिनों तक चलेगा। सदन की गतिविधियों की शुरुआत से पहले विधायकों ने अपने-अपने प्रश्न और प्रस्ताव दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। नए भवन में आयोजित होने जा रहा यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इस बार धर्मांतरण संशोधन विधेयक प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस विषय पर तीखी बहस के आसार हैं।

विपक्ष द्वारा जताई जा रही संभावित आपत्तियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार की तैयारी को लेकर भी चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी बीच उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नए विधानसभा परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार हर मुद्दे पर विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सत्र में राज्यहित को ध्यान में रखते हुए कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे और सरकार विपक्ष के साथ सार्थक चर्चा के लिए प्रतिबद्ध है।
नए भवन में यह पहला शीतकालीन सत्र होने के कारण प्रशासनिक व राजनीतिक दृष्टि से इसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें 14 दिसंबर से शुरू होने वाली सदन की कार्यवाही पर टिकी है।




