रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को संकेत दिया कि वह अमेरिका और यूक्रेन द्वारा प्रस्तावित एक महीने के युद्धविराम पर विचार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कई शर्तें रखीं, जिससे इस समझौते की संभावनाएं जटिल हो गई हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस इस प्रस्ताव के जरिए “धोखा” देने की कोशिश कर सकता है।
युद्धविराम पर रूस की शर्तें
यह प्रस्ताव हाल ही में सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के दौरान सामने आया था। अगर इस पर सहमति बनती है, तो यह रूस-यूक्रेन युद्ध, जो 2022 में पुतिन के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के साथ शुरू हुआ था, में अस्थायी रूप से विराम ला सकता है।
रूस ने जिन शर्तों को आगे रखा है, उनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्रों में रूसी नियंत्रण को स्वीकार करना होगा।
पश्चिमी देशों को कीव को हथियारों की आपूर्ति बंद करनी होगी।
नाटो को यूक्रेन के साथ अपने सैन्य गठजोड़ को सीमित करना होगा।
ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पुतिन की शर्तों को ‘छलावा’ करार देते हुए कहा कि रूस केवल समय खरीदने की कोशिश कर रहा है ताकि वह अपनी सेना को फिर से संगठित कर सके। उन्होंने पश्चिमी देशों से अपील की कि वे रूस की “रणनीतिक चालों” में न फंसें और यूक्रेन को समर्थन देना जारी रखें।
युद्धविराम की संभावना?
रूस द्वारा रखी गई कठोर शर्तों और यूक्रेन की संदेहपूर्ण प्रतिक्रिया के बीच, इस युद्धविराम प्रस्ताव की सफलता संदेहास्पद लग रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समझौता होता भी है, तो इसके लिए दोनों पक्षों को बड़ी कूटनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।





