नई दिल्ली: सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 को एनसीएईआर (NCAER) की डायरेक्टर जनरल पूनम गुप्ता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। यह पद जनवरी 2025 में माइकल पात्रा के इस्तीफे के बाद खाली था। पात्रा ने मौद्रिक नीति, वित्तीय बाजार, विनियमन और आर्थिक शोध जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी।
पूनम गुप्ता पूर्व विश्व बैंक अर्थशास्त्री हैं। उनकी नियुक्ति 7-9 अप्रैल, 2025 को होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की महत्वपूर्ण बैठक से पहले हुई है।
पूनम गुप्ता कौन हैं?
पूनम गुप्ता राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (NCAER) की डायरेक्टर जनरल हैं। NCAER एक प्रमुख आर्थिक नीति थिंक टैंक है। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं।
उन्होंने 2021 में NCAER ज्वाइन किया। इससे पहले, वह 20 साल तक अमेरिका में IMF और विश्व बैंक में काम कर चुकी हैं। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में भी पढ़ा चुकी हैं।
शिक्षा
- पीएचडी और मास्टर्स इन इकोनॉमिक्स – यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, यूएसए
- मास्टर्स इन इकोनॉमिक्स – दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
- 1998 में अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में शोध के लिए एक्जिम बैंक अवार्ड मिला।

वेतन
RBI डिप्टी गवर्नर के पद पर उन्हें 2.25 लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। पूनम गुप्ता के साथ, अब RBI में कुल 4 डिप्टी गवर्नर हैं – स्वामीनाथन जे, टी रबि शंकर और एम राजेश्वर राव।
अहम भूमिकाएं
- NITI आयोग के विकास सलाहकार समिति की सदस्य।
- FICCI की कार्यकारी समिति में भी शामिल।
- G20 प्रेसीडेंसी के दौरान मैक्रोइकॉनॉमिक्स और ट्रेड पर टास्क फोर्स की अध्यक्ष।
निष्कर्ष:
पूनम गुप्ता का अनुभव RBI के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी नियुक्ति से देश की आर्थिक नीतियों को नई दिशा मिल सकती है।