- आरोपी नजरूद्दीन ने मस्जिद में अशांति फैलाने के इरादे से जानवर का कटा सिर रखा
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय दुकानदारों के बयानों से आरोपी की पहचान की
- आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए रुमाल का इस्तेमाल किया था
- घटना के बाद भीड़ को नियंत्रित करने में एक भिखारी के माइक ने पुलिस की मदद की
घटना का विवरण:
आगरा के जामा मस्जिद में शुक्रवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जब नमाजियों ने वुजूखाना के पास एक थैले में जानवर का कटा हुआ सिर देखा। इससे मस्जिद परिसर में तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
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गिरफ्तारी और जांच:
- आरोपी नजरूद्दीन ने चीलघर से 250 रुपये में जानवर का सिर खरीदा था
- उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मस्जिद के पास ही एक दुकान से रुमाल खरीदा
- सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को एक विशेष स्लोगन वाली टी-शर्ट पहने देखा गया
- पुलिस ने स्थानीय शांति समितियों और दुकानदारों की मदद से उसे ट्रेस किया
आरोपी का इरादा:
पूछताछ में नजरूद्दीन ने बताया कि उसने यह कृत्य जानबूझकर किया था ताकि:
- लोगों में आक्रोश फैले
- शुक्रवार की नमाज के दौरान अशांति हो
- धार्मिक तनाव पैदा किया जा सके
पुलिस की सूझबूझ: भिखारी के माइक ने रोकी भगदड़
घटना के बाद जब कुछ युवकों ने हंगामा किया और पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो भीड़ में भगदड़ मच गई। इस दौरान मंटोला तिराहे पर तैनात इंस्पेक्टर सत्यदेव शर्मा ने एक भिखारी के माइक का उपयोग कर भीड़ को शांत करने की कोशिश की।
कैसे काम आया माइक?
- पुलिस ने भिखारी से 500 रुपये में माइक किराए पर लिया
- इंस्पेक्टर ने लोगों से शांत रहने और घर जाने की अपील की
- इससे भगदड़ की स्थिति पर काबू पाया जा सका
अन्य जानकारी:
- आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है
- पुलिस ने मांस विक्रेता सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं
- मामले में आगे की जारी है
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