केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज भोपाल में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उनके दौरे से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर 10 अहम सवाल उठाए हैं। पटवारी ने पूछा कि आखिर मध्य प्रदेश पिछले चार सालों से दलित उत्पीड़न के मामलों में देश में पहले स्थान पर क्यों बना हुआ है?
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस दौरे से पहले PCC प्रमुख जीतू पटवारी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर शाह से 10 सवाल पूछे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए पटवारी ने कहा कि वह मध्य प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर जवाब चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि गृहमंत्री इन सवालों का पारदर्शी और सार्वजनिक जवाब दें। पटवारी ने कहा कि यह सवाल केवल विपक्ष के नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के दर्द की आवाज हैं, जो अपराधों का शिकार हुए हैं।
PCC प्रमुख जीतू पटवारी के 10 सवाल:
- दलित उत्पीड़न में मध्य प्रदेश नंबर-1 क्यों?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, मध्य प्रदेश में हर दिन औसतन 16 से अधिक दलित उत्पीड़न के मामले दर्ज होते हैं। 2023 में यह आंकड़ा 6,150 से ज्यादा था। क्या यह भाजपा के “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को खोखला नहीं करता? क्या यह संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों के साथ अन्याय नहीं है? - आदिवासियों पर अत्याचार में प्रदेश दूसरे स्थान पर क्यों?
आदिवासी बहुल जिलों जैसे झाबुआ, धार, और मंडला में आदिवासी समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। क्या यह भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को उजागर नहीं करता? - महिलाओं के खिलाफ अपराधों में मध्य प्रदेश सबसे आगे क्यों?
2023 में प्रदेश में बलात्कार के 12,500 से अधिक मामले दर्ज हुए, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। क्या यह आंकड़ा भाजपा की महिला सुरक्षा के दावों को झूठा साबित नहीं करता? - हर घंटे एक महिला पर अपराध, यह कैसा शासन?
हर घंटे कोई न कोई महिला बलात्कार, छेड़छाड़, या घरेलू हिंसा का शिकार बन रही है। फिर भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो खुद गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं, चुप क्यों हैं? क्या यह उनकी जिम्मेदारी की विफलता नहीं है? - किसान, व्यापारी, और बच्चियां असुरक्षित क्यों?
मुरैना से मंदसौर और बैतूल से भोपाल तक, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बच्चियों का अपहरण, किसानों से लूट, और व्यापारियों से उगाही आम हो गई है। क्या सरकार केवल आयोजनों के प्रबंधन तक सीमित रह गई है? - क्या अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है?
कई बलात्कार और हत्या के मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। कई बार तो FIR तक दर्ज नहीं होती, और आरोपी खुलेआम घूमते हैं। क्या यही भाजपा का “न्याय” है? - गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास, फिर भी अपराध क्यों बढ़ रहे?
जब मुख्यमंत्री खुद गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं, तो अपराधों पर नियंत्रण क्यों नहीं हो रहा? क्या यह सरकार की प्रशासनिक नाकामी का सबूत नहीं है? - केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए क्या किया?
पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर क्या कदम उठाए? क्या सब कुछ अनदेखा कर दिया गया है? - पुलिस सुधार और आधुनिकीकरण क्यों रुका हुआ है?
पुलिस बल में हजारों पद खाली हैं, प्रशिक्षण व्यवस्था कमजोर है, और साइबर अपराध इकाइयां प्रभावी नहीं हैं। क्या यही वजह नहीं कि अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस असहाय दिखती है? - ‘डबल इंजन’ सरकार या डबल विफलता?
क्या अमित शाह और नरेंद्र मोदी की “डबल इंजन” सरकार यह मानती है कि वह मध्य प्रदेश में लोगों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम रही है? यदि हां, तो इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार की दिशा क्यों नहीं बदली जा रही?





