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ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में हुआ खुलासा, पाकिस्तान को दी गई कड़ी चेतावनी

BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली: भारत ने हाल ही में आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाते हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इस अभियान के दौरान कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया गया। रक्षा मंत्रालय ने इसे एक संयुक्त सैन्य अभियान बताया जिसमें सेना, वायुसेना और नौसेना ने तालमेल के साथ काम किया।

अब इस अभियान पर सेना द्वारा एक आधिकारिक प्रेस ब्रीफ जारी की गई है, जिसमें इस ऑपरेशन के उद्देश्य, कार्रवाई और परिणामों की जानकारी दी गई।

प्रेस ब्रीफिंग में क्या कहा गया?

भारतीय सेना की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह, तथा विदेश मंत्रालय की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस को संबोधित किया।

22 अप्रैल का पहलगाम हमला बना ऑपरेशन की वजह

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में एक भीषण हमला किया गया, जिसमें 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई। यह हमला 26/11 के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला माना गया। उन्होंने इसे भारत के पर्यटन और विकास को रोकने का एक सुनियोजित प्रयास बताया।


पाकिस्तान की भूमिका उजागर

प्रेस ब्रीफ में बताया गया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ (The Resistance Front) ने ली, जो कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन है। जांच में हमले की साजिश के तार पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों और वहां के समर्थन तंत्र से जुड़े पाए गए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया है।

ऑपरेशन सिंदूर: 25 मिनट की सटीक कार्रवाई

कर्नल सोफिया कुरैशी ने खुलासा किया कि ऑपरेशन को 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई में आतंकियों के 9 ट्रेनिंग कैंपों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर और जैश जैसे संगठनों के अड्डे शामिल थे। इन ठिकानों को एजेंसियों की खुफिया रिपोर्ट के आधार पर चुना गया, और इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि किसी निर्दोष नागरिक को कोई नुकसान न हो।

टारगेट किए गए प्रमुख ठिकाने

  1. सवाई नाला कैंप (PoK): लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर, जहां पहलगाम हमले के आतंकी प्रशिक्षित हुए थे।
  2. बिलाल टेरर कैंप (बहावलपुर): जैश-ए-मोहम्मद का गढ़, जिसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
  3. कोटली, मुरिदके और सियालकोट जैसे अन्य स्थानों पर स्थित अड्डों को भी ध्वस्त किया गया।

कुल मिलाकर, 21 आतंकी ठिकानों को पूर्णतः नष्ट किया गया।

स्पष्ट संदेश: निशाना सिर्फ आतंकवाद

भारतीय सेना ने साफ किया कि यह ऑपरेशन केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया था। कोई सैन्य ठिकाना या आम नागरिक इस हमले में निशाना नहीं बना। यह कार्रवाई पूरी तरह नपी-तुली और सीमित रही।

आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम

भारत ने इस प्रेस ब्रीफ के ज़रिए पाकिस्तान और दुनिया को यह साफ संदेश दिया है कि आतंक के खिलाफ भारत कभी भी, कहीं भी, सटीक जवाब देने में सक्षम है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी आतंकवादी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा।