,

Odisha में 13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, राज्य सरकार ने 1000 करोड़ के राहत पैकेज का किया ऐलान; किसानों समेत इन लोगों को मिलेगी मदद

- Advertisement -
Ad imageAd image
https://swadeshlive.com/odisha-flood-relief-package-1000-crore/

Odisha: ओडिशा में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से गांवों, खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई जगहों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के कुछ हिस्सों में हाल की बारिश को कई वर्षों में सबसे गंभीर बताया जा रहा है।

Contents
Odisha: 13 लाख लोगों पर बाढ़ का असरOdisha: करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गयाOdisha: जाजपुर में सबसे ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यूOdisha: भद्रक में 2.59 लाख लोग प्रभावितOdisha: इन जिलों में बाढ़ का ज्यादा असरOdisha: राहत के लिए पहले भी जारी की गई थी राशिOdisha: सरकार ने किया 1000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलानOdisha: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी सहायताOdisha: किसानों को बीज और कृषि सामग्री भी मिलेगीOdisha: आजीविका दोबारा शुरू करने में मिलेगी मददOdisha: पशुपालन और मछली पालन के नुकसान पर भी राहतOdisha: प्रभावित परिवारों को 5 हजार रुपये की सहायताOdisha: पानी उतरने के बाद भी राहत अभियान जारी रहेगाOdisha: स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देशOdisha: नुकसान का विस्तृत सर्वे होने के बाद बढ़ सकता है राहत पैकेज

बाढ़ से पैदा हुए हालात के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने राहत, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों की आजीविका दोबारा खड़ी करने के लिए कुल 1000 करोड़ रुपये की सहायता का ऐलान किया है।

Odisha: 13 लाख लोगों पर बाढ़ का असर

राज्य सरकार के शुरुआती आकलन के मुताबिक बाढ़ और भारी बारिश का असर करीब 13 लाख लोगों तक पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्र 74 ब्लॉक और करीब 1,361 गांवों तक फैला हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने पर प्राथमिकता दी जा रही है। निचले इलाकों और पानी से घिरे गांवों में स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।

Odisha: करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 3 लाख लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की करीब 45 टीमें, एनडीआरएफ की 8 टीमें और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की 59 टीमें तैनात की गई हैं।

प्रभावित लोगों के लिए करीब 550 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयों और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित होने तक राहत अभियान जारी रहेगा।

Odisha: जाजपुर में सबसे ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू

जाजपुर बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां करीब 77,680 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों के लिए जिले में 203 राहत शिविर बनाए गए हैं।

बचाव अभियान में ओड्राफ की 9 टीमें, एनडीआरएफ की 2 टीमें और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की 12 टीमें काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

Odisha: भद्रक में 2.59 लाख लोग प्रभावित

भद्रक जिले में भी बाढ़ का व्यापक असर हुआ है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार जिले के चार ब्लॉक और एक नगरपालिका क्षेत्र के 149 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 2.59 लाख लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है।

प्रशासन के अनुसार करीब 1.96 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले में लगभग 90 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। बचाव कार्य को मजबूत करने के लिए ओड्राफ की 15 टीमें तैनात हैं।

अधिकारियों और बचाव दलों ने तिहिड़ी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया है। सरकारी भवनों और स्कूलों की स्थिति की भी जांच की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें राहत कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

Odisha: इन जिलों में बाढ़ का ज्यादा असर

सरकार के शुरुआती आकलन में जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर, केंदुझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा को सबसे अधिक प्रभावित जिलों में रखा गया है। इसके अलावा जगतसिंहपुर और पुरी में भी भारी बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को तब तक सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा, जब तक उनके गांवों और घरों में वापस लौटना सुरक्षित नहीं हो जाता। स्थिति सामान्य होने के बाद चरणबद्ध तरीके से लोगों की वापसी कराई जाएगी।

Odisha: राहत के लिए पहले भी जारी की गई थी राशि

ओडिशा सरकार के मुताबिक बाढ़ के पहले चरण के दौरान तत्काल राहत के लिए करीब 26 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद दूसरे चरण के लिए लगभग 110 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राहत राशि की घोषणा की गई।

इस तरह शुरुआती स्तर पर घोषित राहत राशि करीब 136 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। यह राशि विशेष राहत आयुक्त के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और सहायता के लिए इस्तेमाल की जा रही है।

Odisha: सरकार ने किया 1000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान

राज्य सरकार ने अब बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 1000 करोड़ रुपये के सहायता पैकेज की घोषणा की है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य केवल तत्काल राहत पहुंचाना नहीं है, बल्कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों की आजीविका को फिर से शुरू करने में मदद करना भी है।

पैकेज के तहत खेती, पशुधन, मछली पालन, घरेलू सामान और रोजी-रोटी से जुड़े संसाधनों को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह शुरुआती आकलन है और पानी उतरने के बाद वास्तविक नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।

Odisha: फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगी सहायता

बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है। जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार कृषि इनपुट सहायता दी जाएगी।

बारिश पर निर्भर फसलों को हुए नुकसान के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता का प्रावधान है। सिंचाई वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान के लिए यह सहायता 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक हो सकती है। वहीं बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता प्रस्तावित है।

यह राशि वास्तविक नुकसान के आकलन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों को दी जाएगी।

Odisha: किसानों को बीज और कृषि सामग्री भी मिलेगी

बाढ़ के कारण फसल खराब होने के बाद किसानों के सामने अगली खेती की तैयारी की चुनौती है। इसे देखते हुए सरकार ने प्रभावित किसानों को बीज और अन्य जरूरी कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

धान के अलावा अन्य फसलों को हुए नुकसान के लिए भी निर्धारित नियमों के तहत सहायता दी जाएगी। सरकार की योजना है कि पात्र किसानों को सहायता सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से पहुंचाई जाए। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक दबाव में अपनी उपज कम कीमत पर बेचने की स्थिति से बचाना भी है।

जरूरत के अनुसार सरकारी और निजी एजेंसियों के माध्यम से प्रभावित फसलों की खरीद की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है।

Odisha: आजीविका दोबारा शुरू करने में मिलेगी मदद

बाढ़ में खेती के साथ ग्रामीण परिवारों की आजीविका से जुड़े संसाधन भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे परिवारों को काम दोबारा शुरू करने के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

पात्र लाभार्थियों को मिलिंग किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान बताया गया है। इसका उद्देश्य छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों को बाढ़ के बाद आय का साधन फिर से शुरू करने में मदद करना है।

Odisha: पशुपालन और मछली पालन के नुकसान पर भी राहत

राहत पैकेज में पशुपालन और मछली पालन से जुड़े लोगों को हुए नुकसान को भी शामिल किया गया है। पशुओं और पशु शेड को हुए नुकसान के लिए पात्र लोगों को सहायता दी जाएगी।

मछुआरों को नाव, मछली पकड़ने के जाल और तालाबों को हुए नुकसान के आधार पर मदद देने का प्रावधान किया गया है। प्रभावित लोगों को आजीविका फिर से शुरू करने के लिए आवश्यकतानुसार ऋण सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

Odisha: प्रभावित परिवारों को 5 हजार रुपये की सहायता

बाढ़ में घरेलू सामान और रोजमर्रा की आजीविका से जुड़े संसाधन गंवाने वाले प्रभावित परिवारों के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। ऐसे पात्र परिवारों को जरूरी सामान खरीदने या खराब सामान बदलने के लिए 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

सरकार ने राहत शिविरों में पका हुआ भोजन और सूखा राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिविरों को तब तक संचालित रखने को कहा गया है, जब तक प्रभावित परिवारों के लिए अपने घर वापस लौटना सुरक्षित नहीं हो जाता।

Odisha: पानी उतरने के बाद भी राहत अभियान जारी रहेगा

राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केवल बाढ़ का पानी कम होने के आधार पर राहत अभियान बंद न किया जाए। प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी और सामान्य जनजीवन बहाल होने तक जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

जिन परिवारों ने बाढ़ के दौरान घर खाली किया है या अपना जरूरी सामान खोया है, उन्हें बर्तन, कपड़े और अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।

Odisha: स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बाढ़ के पानी के कारण सांप और दूसरे जीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाइयों और एंटी-वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।

Odisha: नुकसान का विस्तृत सर्वे होने के बाद बढ़ सकता है राहत पैकेज

ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1000 करोड़ रुपये का पैकेज शुरुआती आकलन पर आधारित है। बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों में जाकर वास्तविक नुकसान का सर्वे करेंगी।

इस दौरान मकानों, फसलों, पशुधन, मछली पालन, सड़कों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य स्तर पर नुकसान की विस्तृत समीक्षा होगी।

यदि वास्तविक नुकसान मौजूदा अनुमान से अधिक पाया जाता है तो सरकार राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर फैसला कर सकती है। यानी फिलहाल घोषित 1000 करोड़ रुपये का पैकेज अंतिम सीमा नहीं माना जा रहा है और जरूरत के अनुसार इसमें बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।

read also: India Palestine Relation: इजरायल से दोस्ती के बीच भारत ने फिर दोहराया फिलिस्तीन का समर्थन, दो-राष्ट्र समाधान पर कायम; गाजा की स्थिति पर भी चर्चा

- Advertisement -
Ad imageAd image

MP: Top 10

MP: जानें प्रदेश की 10 बड़ी खबरें.. MP: 1. MP के 12

CG: Top 10

CG: जानें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें.. 1. बिलासपुर जोन के स्टेशनों

MP: Top 10

MP: जानें प्रदेश की 10 बड़ी खबरें.. MP: 1. MP के 12

Abhyudaya 2026 : फेक नहीं नेक न्यूज की आदत डालें पत्रकार, सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताई मीडिया की भूमिका

Abhyudaya 2026 : भोपाल में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय

Mohan Yadav Abhyudaya: ‘फेक नहीं, नेक न्यूज की आदत डालें’, CM मोहन यादव ने अभ्युदय-2026 का किया शुभारंभ

Mohan Yadav Abhyudaya माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में मंगलवार