Raja Kumar Verma Body Brought Home को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का निर्देश
वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत लाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश और श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के लगातार प्रयासों के बाद पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वियतनाम में हादसे में जान गंवाने वाले राजा कुमार वर्मा और जमशेदपुर के विनय कुमार राय के पार्थिव शरीर को शनिवार को भारत लाए जाने की प्रक्रिया पूरी हुई।
Raja Kumar Verma Body Brought Home के लिए प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने किया समन्वय
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने मामले में त्वरित कार्रवाई की। नियंत्रण कक्ष की ओर से विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया। जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर हनोई से कोलकाता हवाई अड्डे तक लाया गया।
राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए उनके परिजनों की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इससे पहले परिवार की ओर से सहायता की मांग भी की गई थी और मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया था।
Raja Kumar Verma Body Brought Home के बाद रांची लाने की व्यवस्था
कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद परिजनों की ओर से आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर को रांची स्थित उनके पैतृक आवास तक पहुंचाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने नि:शुल्क एम्बुलेंस की व्यवस्था की।
प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था इसलिए की गई ताकि वियतनाम से भारत लाए गए पार्थिव शरीर को कोलकाता से सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित तरीके से रांची पहुंचाया जा सके। 3 अक्टूबर की उपलब्ध रिपोर्टों में भी कोलकाता से सड़क मार्ग के जरिए राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर को रांची लाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
Raja Kumar Verma Body Brought Home के साथ परिवार को मिलेगी 5 लाख की सहायता
राजा कुमार वर्मा के परिजनों को झारखंड सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
सरकार की ओर से यह सहायता ऐसे समय में दी जा रही है, जब परिवार को अपने सदस्य को खोने के साथ ही विदेश से पार्थिव शरीर वापस लाने की प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभागों ने मामले में आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई।
Raja Kumar Verma Body Brought Home में राजा वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक थे
रांची के कैलाश नगर निवासी राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह वियतनाम के दा लात शहर में योग प्रशिक्षण से जुड़े हुए थे। इसी दौरान सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई।
बताया गया कि सड़क हादसे के बाद राजा कुमार वर्मा गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार ने उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से मदद की अपील की थी।
Raja Kumar Verma Body Brought Home के लिए विदेश मंत्रालय और दूतावास से संपर्क
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल विदेश मंत्रालय और हनोई स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके साथ ही वियतनाम के संबंधित प्राधिकारियों के साथ भी समन्वय किया गया, ताकि जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर पार्थिव शरीर को भारत लाया जा सके।
राजा कुमार वर्मा के परिवार की ओर से पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इससे पहले उनके भाई ने भी झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की थी।
Raja Kumar Verma Body Brought Home से परिवार को मिली बड़ी राहत
वियतनाम से पार्थिव शरीर भारत पहुंचने और फिर रांची लाने की व्यवस्था होने के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब पार्थिव शरीर को रांची स्थित पैतृक आवास तक पहुंचाया जा रहा है, जहां परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेगा।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतक के आश्रित को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष, श्रम विभाग, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और रांची जिला प्रशासन के बीच समन्वय से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की कार्रवाई पूरी की गई।


