अब होंगे निकायों में डायरेक्ट चुनाव: मध्य प्रदेश कैबिनेट के अहम फैसले

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Now there will be direct elections in the bodies: Important decisions of Madhya Pradesh Cabinet

by: vijay nandan

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से लेकर नगर निकाय चुनाव व्यवस्था में सुधार तक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

स्वदेशी मूवमेंट को बढ़ावा

दीपावली के अवसर पर “स्वदेशी मूवमेंट” को गति देने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे जीएसटी से जुड़ी नई जानकारियों को आम जनता तक पहुंचाएं और खुद भी इस विषय की गहराई से जानकारी लें। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना और राज्य को आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

पीएम मित्र पार्क का शुभारंभ

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश में “पीएम मित्र पार्क” का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की थीम “स्वदेशी और एक पेड़ मां के नाम” होगी। इसके अंतर्गत “एक बगिया मां के नाम” अभियान भी चलाया जाएगा, जिसका मकसद पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वदेशी भावना को प्रबल करना है।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’

कैबिनेट ने तय किया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्यभर में “सेवा पखवाड़ा” मनाया जाएगा। इसमें स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दुर्गा पूजा पंडालों में भी स्वच्छता व स्वदेशी थीम लागू की जाएगी ताकि सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

नगर निकाय चुनाव में बदलाव

बैठक में स्थानीय निकाय चुनाव प्रणाली में बड़ा सुधार किया गया। पहले अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट) चुनाव प्रणाली के कारण कई जटिलताएं सामने आती थीं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि आने वाले चुनाव सीधे (डायरेक्ट) होंगे। इसके लिए नया विधेयक लाया जाएगा, जिससे तीन-चौथाई पार्षदों के लिखित समर्थन से अध्यक्ष चुनने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। यह कदम पारदर्शिता और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

वाहन स्क्रैप नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए नई नीति भी स्वीकृत की। इसके तहत स्क्रैपिंग फैक्ट्रियों को औद्योगिक लाभ दिए जाएंगे और वाहन स्क्रैप करने वाले मालिकों को मोटर वाहन कर में 50% की छूट मिलेगी। इस नीति का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऑटोमोबाइल उद्योग को नई गति देना है।

स्वच्छता, स्वदेशी और सुशासन की ओर

कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में स्वदेशी उत्पादों, स्वच्छता अभियान और सुशासन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा बल्कि जनता में जागरूकता भी बढ़ेगी।

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