BY
Yoganand Shrivastava
New Dehli भारतीय रक्षा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में फ्रांस से नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला भारतीय वायुसेना (IAF) की रणनीतिक शक्ति को और मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। सीमा पर बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच राफेल का नया जत्था भारत की हवाई सुरक्षा की दीवार को और अभेद्य बनाएगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राफेल ने बदला था युद्ध का रुख
New Dehli राफेल जेट्स की अतिरिक्त खेप खरीदने का निर्णय अनायास नहीं है। पिछले साल हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इन लड़ाकू विमानों ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता सिद्ध की थी। उस दौरान राफेल ने न केवल पाकिस्तान के ऊपर पूर्ण ‘हवाई प्रभुत्व’ (Air Dominance) बनाए रखा, बल्कि दुश्मन के नूर खान एयरबेस सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को पलक झपकते ही निशाना बनाने की अपनी क्षमता का लोहा भी मनवाया था। इसी युद्धक प्रभावशीलता को देखते हुए सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

रक्षा मंत्री की बैठक में महत्वपूर्ण रक्षा सौदे पर मुहर
New Dehli रक्षा मंत्रालय में आयोजित ‘डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल’ की बैठक में नए राफेल विमानों की तकनीकी बारीकियों और संख्या पर चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह सौदा न केवल नए विमानों की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों के हिसाब से इसमें उन्नत हथियारों और रडार प्रणालियों को भी शामिल किया जाएगा। यह कदम चीन और पाकिस्तान के साथ लगने वाली दोहरी सीमाओं पर भारत की चौकसी को नया आयाम देगा।

राफेल की बढ़ती ताकत: पड़ोसी देशों में मचेगी खलबली
New Dehli भारतीय बेड़े में और अधिक राफेल शामिल होने की खबर ने निश्चित रूप से पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ा दी है। राफेल की लंबी दूरी की मारक क्षमता और ‘ओमनीरोल’ (हर भूमिका में सक्षम) होने की खूबी इसे एशिया के सबसे खतरनाक विमानों में से एक बनाती है। नए विमानों के आने से वायुसेना के स्कवाड्रन की संख्या में सुधार होगा और पायलटों को अत्याधुनिक लड़ाकू तकनीक के साथ दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने में आसानी होगी।
Read this: BCCL Strike: लेबर कोड के विरोध में देशव्यापी हड़ताल, धनबाद के बीसीसीएल-ईसीएल में चक्का जाम





