Nepal: काठमांडू में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) ने गुरुवार को अपने श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को पद से हटा दिया। यह कार्रवाई पार्टी की सिफारिश और अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
Nepal: पार्टी अध्यक्ष के पत्र पर हुई कार्रवाई
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने द्वारा भेजे गए पत्र के बाद लिया गया। इस पत्र में अनुशासन समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जिसमें मंत्री को पार्टी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया था।
Nepal: पद के दुरुपयोग का आरोप
जांच में सामने आया कि दीपक कुमार साह पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। कहा गया कि उन्होंने अपनी पत्नी जुनू श्रेष्ठा को हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड में सदस्य के रूप में बनाए रखा, जबकि यह पद लंबे समय से निष्क्रिय था।
Nepal: अनुशासन समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
पार्टी की अनुशासन समिति ने मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री से मंत्री को पद से हटाने की सिफारिश की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
Nepal: स्वास्थ्य मंत्री को भी चेतावनी की सिफारिश
इसी रिपोर्ट में स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री निशा मेहता को भी चेतावनी देने की सिफारिश की गई है। आरोप है कि उन्होंने इस मामले में उचित गंभीरता नहीं दिखाई।
Nepal: मंत्री बनने से लेकर बर्खास्तगी तक का सफर
दीपक कुमार साह को 28 मार्च को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले वे 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में महोत्तरी-2 सीट से सांसद चुने गए थे।





