Report: Gajendra
Narmadapuram :नर्मदापुरम के पीलीखंती इलाके में 20 अप्रैल 2025 की शाम मां और बेटी की बेरहमी से हत्या का मामला पूरे शहर को झकझोर गया था। मकान विवाद के चलते आरोपी जीतू जरीया ने पूजा और उसकी बेटी पल्लवी पर कुल्हाड़ी से हमला किया। एक महिला का शव घर के आंगन में मिला, जबकि दूसरी बेटी का शव कुछ दूरी पर गली में पड़ा पाया गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता से की जांच
Narmadapuram घटना के तुरंत बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। जांच के दौरान 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिन्होंने घटना के हर पहलू की जानकारी दी। पुलिस और जांच अधिकारियों की मेहनत ने अदालत में मजबूत मामले की नींव रखी।

कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
Narmadapuram न्यायालय ने आरोपी जीतू जरीया को दोषी मानते हुए धारा 103 भारतीय दंड संहिता के तहत दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने उस पर पांच–पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। डीपीओ राजकुमार ने बताया कि यह फैसला न्याय प्रक्रिया के तहत आरोपियों के लिए सख्त संदेश है और कानून की आंख हमेशा सच के पक्ष में रहती है।
इस घटना ने नर्मदापुरम में समाज को हिला कर रख दिया था। कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार और नागरिकों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि यह सजा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक चेतावनी भी है।
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